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सफेद कपड़ा लहराने, चारा या भूसा जलाने से भी भागता टिड्डी दल

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झांसी। बुंदेलखंड में शुष्क टिड्डी दल के आक्रमण से बचाव के लिए रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने सलाह दी है। उन्होंने कहा कि खेतों से टिड्डी दल को भगाने के लिए पांच मीटर लंबे बांस के डंडे पर तीन गुणा दो मीटर आकार का सफेद कपड़ा बांधकर लहराने से भी इनको भगाया जा सकता है। खेतों में सूखा चारा या भूसा जलाकर धुआं करने से भी ये खेत छोड़कर भागते हैं। कुलपति प्रो. अरविंद कुमार, निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. एसएस सिंह ने बताया कि टिड्डी दल ने फसलों, पेड़ पौधों को नुकसान पहुंचाया है। टिड्डी दल हमेशा झुंड में आक्रमण करता है। ये बहुभक्क्षी प्रकृति के होते हैं ओर फसलों को चट कर जाते हैं। ये पांच से 150 किलोमीटर की रफ्तार से प्रतिदिन उड़ सकते हैं। वैज्ञानिक डॉ. ऊषा, डॉ. सुंदर पाल, डॉ. एम सोनिया देवी, डॉ. विजय मिश्रा ने टिड्डी दल के प्रबंधन के सुझाव दिए। कहा कि स्टील या टीन के खाली डिब्बों का जोर से पीटकर आवाज करने से टिड्डी दल भाग जाता है। टिड्डी दल के नियंत्रण के लिए नीम की निबोरी के रस का पांच प्रतिशत घोल बनाकर छिड़काव करें। रासायनिक उपचार जैसे साइपर मैथरीन 25 ईसी की 25 ग्राम सक्रिय तत्व प्रति हेक्टेयर या डेल्टामैथ्रिन 28 ईसी या लैम्डासायहैलोथ्रिन पांच प्रतिशत ईसी की 2.5 मिलीलीटर दवा का प्रति लीटर पानी में घोलकर या हाई वॉल्यूम स्प्रे से छिड़काव करें।
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