झज्जर। डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि सरकार की छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ समय पर मिले। इसके लिए विद्यार्थियों के बैंक खाते आधार से जुड़े और सक्रिय होने चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के कुछ विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है। इसका कारण उनके बैंक खातों का आधार से न जुड़ा होना या निष्क्रिय होना है। ऐसी स्थिति में छात्रवृत्ति का भुगतान बाधित होता है और अस्वीकार हो जाता है। इस समस्या के समाधान हेतु भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने एक सुविधा विकसित की है। इसे भारत आधार सीडिंग सक्षम प्रणाली (बेस) नाम दिया गया है। यह सुविधा बैंक खाते को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया को सरल बनाती है। बेस सुविधा सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में उपलब्ध है। संवाद