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भारतीय भाषाओं में तकनीक को जन-जन तक पहुंचाने के लिए तैयार किया बहुभाषी की-बोर्ड

Sun, 11 Dec 2016 11:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम

सार

-गुरुग्राम की प्रोसेस 9 टेक्नॉलजी ने लांच किया बहुभाषी की-बोर्ड 
 
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- फोटो : getty images
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विस्तार
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नोटबंदी के बाद से कैशलेस अर्थव्यवस्था की बात हो रही है। ऐसे समाज के सपने को साकार करने में तकनीक का सबसे बड़ा योगदान होगा। यही कारण है कि भारतीय भाषाओं के माध्यम से तकनीक को जन-जन तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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इस दिशा में मोबाइल वॉलेट कंपनी पेटीएम के बाद गुरुग्राम की प्रोसेस 9 टेक्नॉलजी ने भी कदम बढ़ा दिया है। इस कंपनी द्वारा स्मार्टफोन के लिए बहुभाषी %मॉक्स वड्र्स’ की बोर्ड को लांच करने की घोषाणा की गई है। बताया जा रहा है कि इसका ले-आउट काफी सरल है। इस्तेमाल करने वालों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

इस बहुभाषी मॉक्स वड्र्स को डिजिटल रूप से विभाजित एक अरब से अधिक भारतीयों तक पहुंचने की योजना है। इस कीबोर्ड में 22 भारतीय भाषाएं समाहित हैं। मॉक्स वड्र्स सरकार द्वारा प्रस्तावित त्रिभाषा सूत्र का अनुपालन करता है।
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जिससे कि कीपैड वाले फोन का इस्तेमाल देश के किसी भी कोने में तीन प्रचलित भाषाओं में किया जा सके। हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मोबाइल फोन में अंग्रेजी और हिंदी के साथ-साथ कम से कम एक आधिकारिक भारतीय भाषा का होना अनिवार्य कर दिया है।

प्रोसेस नाइन टेक्नॉलोजीज की सीओओ विदुषी कपूर ने बताया कि कंपनी का लक्ष्य एक अरब से अधिक उन भारतीयों तक पहुंचने का है जो अंग्रेजी नहीं बोल पाते। वह मुख्य रूप से अपनी मूल भाषा में ही बातचीत करते हैं। मॉक्स वड्र्स से देश में डिजिटल भाषागत विभाजन को दूर करने व लोगों को संवाद की शक्ति प्रदान करने का इसके माध्यम से प्रयास किया जा रहा है। 
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एक ही स्क्रीन पर दिखती हैं 22 भाषाएं...

- फोटो : getty images
मॉक्स वड्र्स द्वारा लांच होने जा रहे विशेष लेआउट वाले मॉक्स की-बोर्ड में देश की 22 भाषाएं एक ही स्क्रीन पर दिखाई देंगी। एंड्रॉयड फोन यूजर एसएमएस, व्हाट्सऐप, हाइक, फेसबुक या किसी अन्य वार्तालाप के लिए उनकी भाषा में मैसेज आसानी से लिख सकता है। इस कीपैड का उपयोग किसी भी एंड्रॉयड ऐप में किया जा सकता है।

इसके अलावा यह इंटरनेट पर मौजूद भारतीय भाषाओं की हजारों वेबसाइट को ब्राउज करने में भी मदद करता है। प्रोसेस नाइन के सीईओए राकेश कपूर ने बताया कि सार्वजनिक रूप से लांच होने से पहले मॉक्स वड्र्स का उपयोग इंटेक्स, आईबॉल, लावा, जियॉक्स जैसी कई अन्य भारतीय स्र्माट फोन कंपनियों के 90 लाख से अधिक एंड्रॉयड फोनों में पहले ही किया जा चुका है।
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