भारत-पाक सीमा पर बसे जैसलमेर जिले में शिक्षा का नाम आते ही नेगेटिव तस्वीर सामने आती हैं। दशकों से शिक्षा के अभाव का दंश झेल रहे जैसलमेर जिले को 8वीं के रिजल्ट से भी निराशा हाथ लगी है। शिक्षा विभाग ने बुधवार को आठवीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम जारी किया। इस बार जैसलमेर का परिणाम पिछले साल की तुलना में कम रहा। वहीं, जैसलमेर रिजल्ट के मामले में 28वें पायदान से 30वें पायदान पर पहुंच गया। पिछले साल परिणाम 93.36 था, इस बार तीन प्रतिशत की गिरावट के साथ 90.53 प्रतिशत रहा।
कोविड से पहले तक आरटीई के तहत 8वीं क्लास में किसी भी स्टूडेंट को फेल नहीं करने का नियम था। ऐसे में उस दौरान परिणाम 100 प्रतिशत ही रहा। कोविड में बच्चों को पास कर अपग्रेड कर दिया गया और पिछले साल से ही नए नियम के तहत परिणाम जारी हो रहा है।
33 जिलों में जैसलमेर 30वें पायदान पर...
इस बार 33 जिलों में से जैसलमेर 30वें स्थान पर है। जैसलमेर के बाद करौली 90.40, बारां 87.87 और धौलपुर 87.52 प्रतिशत है। शिक्षा के मामले में पिछड़े जैसलमेर जिले में आठवीं बोर्ड का परिणाम सुधर नहीं रहा है।
1,340 स्टूडेंट्स के आई सप्लीमेंट्री...
जैसलमेर जिले में इस बार 14 हजार 317 विद्यार्थियों ने आठवीं परीक्षा दी थी। इसमें से 1340 स्टूडेंट को सप्लीमेंट्री आई है। गौरतलब है कि ई ग्रेड प्राप्त करने वालों को सप्लीमेंट्री माना जाता है। इनके लिए सत्र शुरू होने पर दोबारा परीक्षा होगी, जिसमें पास होना जरूरी होगा। यदि कोई उस परीक्षा में नहीं बैठता है और या फिर उसे फिर से ई ग्रेड मिलता है तो उसे फेल माना जाएगा। गौरतलब है कि 2022 से नए नियमों के तहत आठवीं में सभी को पास करने का नियम हटा दिया है और इसमें फेल भी किया जा सकता है।