वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कालेज के लिए सीनियर रेजीडेंट (एसआर) चिकित्सक ढूंढना मुश्किल हो गया है। कालेज की ओर से विभिन्न विभागों के लिए 45 एसआर की संविदा नियुक्ति के लिए वॉक इन इंटरव्यू आयोजित किया गया, लेकिन इसके लिए सिर्फ एक ही अभ्यर्थी पहुंचा।
माना जा रहा है कि पहाड़ में सीमित विकल्प और कालेज में हुए घटनाक्रमों के कारण छवि बिगड़ने की वजह से विशेषज्ञ चिकित्सक यहां आना पसंद नहीं कर रहे हैं।
कालेज प्रशासन ने 21 मार्च को एसआर भर्ती के लिए वॉक इन इंटरव्यू रखा गया था। इसमें एनीस्थिसिया में 8, जनरल मेडिसिन में 6, रेडियो डायग्नोसिस में 5, जनरल सर्जरी में 4, बाल रोग, स्त्री रोग, व रेडियोथेरेपी में 3-3, हड्डी रोग, दंत रोग, टीबी एवं चेस्ट, त्वचा रोग व मनोरोग में 2-2 और पीएमआर में 1 एसआर की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए थे।
45 पदों के लिए कराए जा रहे साक्षात्कार में सिर्फ बाल रोग विभाग के लिए डा. राकेश ने आवेदन किया था। उनका चयन समिति ने नियुक्ति पत्र दे दिया।
यह काम है एसआर का
एसआर विशेषज्ञ चिकित्सक (पीजी/एमडी/एमएस/डिप्लोमा) होते हैं। यह मेडिकल कालेज की टीचिंग फैकल्टी में नहीं आते हैं। हालांकि कालेज से संबद्ध अस्पताल के वाह्य रोगी विभाग, आईपीडी, आपरेशन, इमरजेंसी आदि का ज्यादातर दारोमदार इन पर होता है।
मेडिकल कालेज के अस्पताल में जूनियर रेजीडेंट (एमबीबीएस चिकित्सक) विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुपरविजन में काम करते हैं। जबकि एसआर स्वतंत्र रूप से मरीज का स्वास्थ्य परीक्षण और निदान करते हैं।
समय-समय पर साक्षात्कार के जरिये चिकित्सकों की नियुक्ति की जा रही है। उम्मीद है कि अगले एक-दो माह में स्थिति सुधरेगी।
- प्रो. जेबी गोगाई, प्रभारी प्राचार्य मेडिकल कालेज श्रीनगर