युवा वैज्ञानिक में पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय की महालक्ष्मी प्रथम, टीएमयू के डॉ हरीबाबू द्वितीय व एएनडी विवि के डॉ रवि शंकर रेड्डी को तृतीय पुरुस्कार मिला। पंजाब केंद्रीय विवि के अजय एलगोन प्रथम, आईआईटी कानपुर के सुत्री त्रिपाठी द्वितीय, विज्ञान फार्मेसी कालेज के पीवीवी शिवकृष्णा को तृतीय पुरस्कार दिया गया।
मंगलायतन विश्वविद्यालय व एसोसिएशन आफ बायोटेक्नोलाजी एंड फार्मेसी (एबीएपी) के तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन 21 दिसंबर को हो गया। सम्मेलन में ज्ञान, विज्ञान और अनुसंधान की उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया। छह प्रतिभागियों को युवा वैज्ञानिक अवार्ड, सात को सर्वश्रेष्ठ शोध प्रस्तुतिकरण अवार्ड प्रदान किया गया।
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आईपीएफटी के निदेशक डॉ. मोहन कृष्ण रेड्डी ने कहा कि किसानों को कीटनाशक के छिड़काव की सही मात्रा की जानकारी होना बहुत जरूरी है। कुलसचिव ब्रिगेडियर समरवीर सिंह ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में वैज्ञानिकों की लगन व मेहनत को सम्मेलन से सीखने और समझने का मंच बना। प्रो. दिनेश शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी ने चिकित्सा के क्षेत्र में अुनसंधान की गुणवत्ता को और बढ़ा दिया है।
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युवा वैज्ञानिक में पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय की महालक्ष्मी प्रथम, टीएमयू के डॉ हरीबाबू द्वितीय व एएनडी विवि के डॉ रवि शंकर रेड्डी को तृतीय पुरुस्कार मिला। पंजाब केंद्रीय विवि के अजय एलगोन प्रथम, आईआईटी कानपुर के सुत्री त्रिपाठी द्वितीय, विज्ञान फार्मेसी कालेज के पीवीवी शिवकृष्णा को तृतीय पुरस्कार दिया गया। पोस्टर संकाय वर्ग में सुनील प्रथम, सुजाता द्वितीय पुरस्कार दिया गया। शोधार्थी में सिंदूजा व रफत को पुरस्कार मिला। पोस्टर प्रस्तुति में छाया, नितूशा, नेहा को पुरस्कृत किया गया।
आयोजन एबीएपी के महासचिव प्रो. केआरएस संबासिवा राव, संयोजक प्रो. दिनेश शर्मा व प्रो. रविकांत के निर्देशन में हुआ। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी गोपाल राजपूत, प्रो. मनीषा शर्मा, डॉ. पूनम रानी, डॉ. सोनी सिंह प्रो. राजेश शुक्ला, दीपिका बांदिल आदि मौजूद रहे।