जनपद में चयनित 15 मॉडल स्कूलों में एकमात्र जीआईसी गुप्तकाशी का उदुघाटन हुआ है। जिला मुख्यालय में जीआईसी सहित 14 विद्यालयों अब भी उद्घाटन का इंतजार है।
जनपद में 6 माध्यमिक और 9 प्राइमरी व जूनियर विद्यालय मॉडल विद्यालय चुने गए हैं। इन विद्यालयों में शैक्षिक व्यवस्था के साथ छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं भी जुटाई जानी हैं, लेकिन अब तक किसी भी विद्यालय में संसाधन उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। बीते सत्र में शासन से इन विद्यालयों के लिए प्रति विद्यालय दो लाख रुपये के हिसाब से 30 लाख रुपये कंप्यूटर सामग्री की खरीद के लिए मिले थे। हालांकि समय पर सामग्री खरीद नहीं होने से धनराशि लैप्स हो गई। इन विद्यालयों में अन्य सुविधाओं के नाम पर सिर्फ रंग-रोगन किया गया है।
वर्तमान शिक्षण सत्र के तहत अब तक अपेक्षानुसार नए प्रवेश भी नहीं हुए हैं। स्थिति यह है कि जीआईसी रुद्रप्रयाग में जहां 1 से 19 अप्रैल तक कक्षा 6 में जहां सिर्फ 6 प्रवेश हुए हैं। वहीं गुप्तकाशी में 7 नए छात्र पंजीकृत हुए हैं। यही स्थिति जीआईसी अगस्त्यमुनि, जीआईसी रामाश्रम (जखोली), जीआईसी ऊखीमठ और हाईस्कूल पौंठी में भी है। दूसरी तरफ प्राथमिक व जूनियर स्कूलों में भले ही इस बार प्रवेश बढ़े हैं। लेकिन मॉडल के लिए चुने गए विद्यालयों को अब भी छात्रों का इंतजार है।
मॉडल स्कूलों का अभी तक उद्घाटन भी नहीं हुआ है। जो धनराशि शासन से मिली थी, वह भी वापस मांग ली गई है। इस संबंध में अभी तक नए दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं।
-- सुभाष चंद्र भट्ट, सीईओ रुद्रप्रयाग