सरकार और सुप्रीम कोर्ट के आदेश-निर्देश के बाद भी आधार कार्ड पर मची रार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। गर्भवती महिला को अस्पताल में इंट्री इसलिए नहीं मिली क्योंकि उसके पास आधार कार्ड नहीं था।
महिला दर्द के मारे सड़क पर तड़पती रही, परिजन गिड़गिड़ाते रहे लेकिन अस्पताल प्रशासन संवेदनहीन बना रहा। महिला का प्रसव अस्पताल के बाहर ही हो गया। संवेदनहीनता की यह पराकाष्ठा उत्तर प्रदेश के जौनपुर में देखने को मिली।
जिले के राजकीय अस्पताल शाहगंज में सोमवार को पहुंची प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को इसलिए भर्ती करने से मना कर दिया गया कि उसके पास बैंक पासबुक और आधार कार्ड नहीं था।
प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला की जान बचाने के लिए उसके साथ आए परिजन हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते रहे लेकिन महिला डॉक्टर को उन पर जरा भी तरस नहीं आई। आरोप है कि महिला डॉक्टर ने उसे डाटकर भगा दिया।
निराश होकर गरीब परिवार के लोग महिला को लेकर अस्पताल गेट पर पहुंचे थे तभी वह अचेत होकर गिर पड़ी और फर्श पर ही उसे प्रसव हो गया। उसने बेटी को जन्म दिया। इस पर परिजनों के साथ आस पास के लोग भी हंगामा शुरू कर दिए। हंगामे के बाद महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया।