शिव नगरी बाघोत धाम के पवित्र जोहड़ में गांव का गंदा पानी जा रहा है। इस गंदे पानी को रोकने के लिए युवा समाज सेवी संगठन आगे आया । ग्रामीणों के साथ एसडीएम रणबीर सिंह को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया की शिव मंदिर धाम प्रदेश में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। जोहड़ पवित्रता को बरकरार रखने के लिए इसमें जा रहे गंदे पानी को रोकने का प्रबंध कराएं। शिवभक्त इस पवित्र जोहड़ के पानी को शिवलिंग पर चढ़ाते हैं । अब यह गंदा पानी इस जोहड़ में जाकर मिल रहा है जिसकी वजह से श्रद्धालुओं को ग्रामीणों की आस्था को ठेस पहुंच रही है। मंदिर एवं शिवलिंग अपने अंदर इतिहास, पौराणिक महत्व समेटे हुए है। इसे ऋषि मुनियों की तप स्थली एवं शिव के दृष्टांत के रूप में जाना जाता है। लाखों भक्त यहां दर्शनार्थ के लिए आते हैं और हजारों की संख्या में श्रद्धालु गोमुख, गंगोत्री और हरिद्वार से पैदल चलकर कावर लाकर बाघोत स्थित स्वयंभू शिवलिंग पर गंगा जल चढ़ाते हैं। यह मंदिर कनीना,चरखी दादरी मार्ग पर 15 किमी दूरी पर और कनीना से करीब 17 किलोमीटर दूरी पर स्थित बाघोत गांव में मुख्य सड़क मार्ग के पास ही स्थित है। ग्रामीणों के अनुसार बाघोत का मंदिर करीब 1680 वर्ष पुराना है। इस शिवालय के पास खड़े कदंब के पेड़, तालाब एवं स्वयंभू शिवलिंग ऋषि मुनियों की तप स्थली होने की याद दिलाते हैं। भगवान श्रीराम के पूर्वजों ने भी यहां तप किया था। इस मंदिर में वर्ष में दो बार मेला लगता है। तत्कालीन समय में राजा दलीप को शिव ने बाघ के रूप में दर्शन दिए थे, जिसके चलते गांव का मंदिर बाघेश्वरी धाम कहलाया। शिवालय का निर्माण कणाणा के राजा कल्याण सिंह रैबारी ने करवाया था।
हमारे पूर्वज बताते हैं कि यहां पर कस्बे जिले प्रदेश के साथ अन्य प्रदेशों के लोग भी दर्शन के लिए आते थे। यहां की मानता दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। अब गांव के तालाब का गंदा पानी पवित्र जोहड़ में जा रहा है। जो हमारे लिए बहुत ही शर्मिंदगी है। गंदे पानी की तुरंत प्रभाव से रोकना चाहिए। - ग्रामीण ओम प्रकाश
युवाओं ने मिलकर एक युवा समाजसेवी संगठन बनाया हुआ है। इस संगठन के माध्यम से गांव में शिव मंदिर में साफ सफाई रखरखाव इत्यादि कार्य किए जाते है। पानी को पी कर पालतू पशु बीमार हो रहे हैं। श्रद्धालुओं में इस बात का रोष है कि कस्बे का इतना बड़ा पवित्र स्थान और उसकी ये हालत हो रही हैं। इस पवित्र जोहड़ में गांव के तालाब का गंदा पानी जाने से रोका जाए। ग्रामीण सुनील अत्री
श्रद्धालु इस जोहड़ के पानी को गंगाजल के रूप में शिवलिंग पर अर्पित करते हैं लेकिन उसके पास बने गांव के तालाब का गंदा पानी इस पवित्र जोहड़ में जा रहा है। जिसके कारण श्रद्धालुओं की आस्था पर ठेस पहुंच रही है। दूसरी तरफ गांव के पालतू पशु भी इस गंदे पानी को पीने की वजह से बीमार पड़ रहे हैं। जल्दी से जल्दी समस्या का समाधान किया जाए। ---ईश्वर सिंह, श्रद्धालु
बाघेश्वरी धाम पर वर्ष में दो बार बड़े मेले लगते हैं जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु आकर माथा टेकते हैं मन्नतें मांगते हैं। श्रद्धालु हरिद्वार गोमुख से कावड़ में गंगाजल लाकर यहां चढ़ाते हैं। इस पवित्र स्थान पर गंदा पानी आना बहुत ही दुखद है। प्रशासन को तुरंत संज्ञान में लेकर इसका समाधान करवाना चाहिए। ---जय भगवान, श्रद्धालु
इस समस्या मेरे संज्ञान में अभी आई है। संबंधित अधिकारियों से बात करके जल्दी ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा। - रणबीर सिंह, एसडीएम, कनीना