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अमित शाह ने नेतृत्व को लेकर वरिष्ठ नेताओं से किया मंथन, सीएम चेहरे पर लिया फीडबैक

Tue, 31 Oct 2017 12:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार देर शाम चुनावी प्रबंधन को लेकर वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। सूत्रों के अनुसार बैठक में प्रचार अभियान के साथ सबसे अहम मुद्दे नेतृत्व पर भी मंथन हुआ। 
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मुख्यमंत्री चेहरे के बिना चुनाव में उतरने पर कांग्रेस के मुद्दा बनाने से शाह ने फीडबैक लिया। नेतृत्व के अलावा बागियों के निर्दलीय उतरने से नुकसान, आगामी प्रचार अभियान और भितरघात को लेकर भी रिपोर्ट ली।

सोमवार को डलहौजी और ज्वाली में प्रचार अभियान शुरू करने के बाद शाम को शाह शिमला पहुंचे। शिमला में शाह मंगलवार सुबह रन फॉर यूनिटी में भाग लेंगे, लेकिन उनका बड़ा मकसद चुनावों पर फीडबैक लेना भी बताया जा रहा है। 
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पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक शिमला पहुंचने के बाद एक होटल में उन्होंने शाम करीब साढ़े आठ बजे चुनाव प्रबंधन में लगे राष्ट्रीय महामंत्री संगठन रामलाल, चुनाव प्रभारी थापर चंद गहलोत, केंद्रीय चुनाव समिति सचिव जेपी नड्डा, प्रदेश प्रभारी मंगल पांडेय और महामंत्री संगठन पवन राणा के साथ बैठक की। 

बैठक में हिमाचल में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर हो रही सियासत पर ग्राउंड रिपोर्ट ली। धूमल खेमा अंदरखाते उनको चेहरा घोषित करने के पक्ष में है, जबकि नड्डा कैंप उनके समर्थन में है। ये अलग बात है कि खुलकर अभी तक किसी ने इस मुद्दे को नहीं उठाया है। 

नए चेहरे को प्रदेश में सीएम बनाने की भी चर्चा चल रही है, लेकिन चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का नाम घोषित करने से केंद्रीय नेतृत्व बच रहा है। शाह के साथ बैठक में नेतृत्व के मुद्दे पर मिलने वाले फीडबैक पर पार्टी अगली रणनीति बनाएगी। 

बैठक में बागियों वाली आधा दर्जन सीटों फतेहपुर, पालमपुर, जसवां परागपुर, चंबा, रेणुका जी, हरोली और भरमौर के ताजा समीकरणों को साझा किया गया। इन सीटों के अलावा अर्की और जिला शिमला की सीटों पर फोकस बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2 नवंबर से शुरू होने वाली रैलियों को लेकर तैयारियों से अवगत करवाया गया। सूत्रों के अनुसार चुनाव प्रबंधन की बैठक के बाद सांसदों और कुछ नेताओं के साथ भी बैठक हो सकती है। हालांकि देर शाम तक धूमल और शांता के शिमला आने की सूचना नहीं थी, जबकि कुछ सांसद पहुंच गए थे।
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