एचसीएस ज्यूडिशियल पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी सुनीता ने जिला अदालत में याचिका दायर कर उसके दो मोबाइल नंबरों से की गई कॉल और अन्य डाटा को सुरक्षित करने की अपील की है। याचिका में सुनीता ने अंदेशा जताया है कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) उसके दोनों मोबाइल नंबर से की गई कॉल और अन्य डाटा से छेड़छाड़ कर सकती है। एडीजे कोर्ट ने याचिका पर मामले की जांच कर रही एसआईटी को 9 जुलाई के लिए नोटिस कर जवाब दाखिल करने को कहा है।
सुनीता के वकील जसबीर डडवाल के अनुसार, उन्होंने याचिका में दो मोबाइल नंबर अदालत को बताए हैं। इसमें अंदेशा जताया है कि एसआईटी सुनीता के मोबाइल नंबरों के डाटा से छेड़छाड़ कर सकती है इसलिए उन्होंने याचिका में दोनों मोबाइल नंबर की नेटवर्क प्रदाता कंपनियों को आदेश दिए जाएं कि इन नंबरों की कॉल डिटेल से संबंधित डाटा को सुरक्षित रखें।
एडवोकेट डडवाल के अनुसार एसआईटी ने अब तक मामले में ठीक से जांच नहीं की है इसलिए उन्हें अंदेशा है कि वह सुनीता के मोबाइल नंबरों के डाटा से छेड़छाड़ कर सकती है। यह डाटा केस के ट्रायल के दौरान अहम साबित हो सकता है। इसकी उस वक्त जरूरत पड़ सकती है। फिलहाल अब एसआईटी मामले में 9 जुलाई को जवाब दायर करेगी।
यह है मामला
पंचकूला के पिंजौर की निवासी सुमन ने एडवोकेट मंजीत सिंह के जरिये याचिका दायर कर कहा था कि हरियाणा ने एचसीएस ज्यूडिशियल के 109 पदों के लिए आवेदन मांगे थे। इसके लिए याची ने भी अप्लाई किया था। परीक्षा की तैयारी के लिए एक कोचिंग सेंटर भी ज्वाइन किया। इस दौरान उसकी दोस्ती एक लड़की सुशीला से हो गई। उसने गलती से याची को एक ऐसी ऑडियो क्लिप भेज दी, जिसमें वह अन्य लड़की से डेढ़ करोड़ में नियुक्ति की बात कर रही थी। जब याची ने सुशीला से पूछा तो उसने वो ऑडियो क्लिप डिलीट कर दी। जब जोर देकर पूछा गया तो पेपर लीक होने की बात पता चली।
याची ने कहा उसे विश्वास नहीं हुआ इस स्तर की परीक्षा का पेपर लीक हो सकता है। सुशीला ने याचिकाकर्ता को छह सवाल भी बताए जो परीक्षा में आने थे। जब 16 जुलाई को परीक्षा हुई तो याचिकाककर्ता को यह जानकर आश्चर्य हुआ कि जो सवाल उसे बताये गए, वह परीक्षा में आये थे। याचिकाकर्ता ने अपने पति को इसकी जानकारी दी और उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को और हाईकोर्ट को एडमिनस्ट्रेटिव साइट पर दी। याचिकाकर्ता के अनुसार यह एक बेहद ही गंभीर मामला है। लिहाजा इस मामले में एफआईआर दर्ज कर दोषियों पर कार्यवाही की जानी बेहद ही जरूरी है।