यमकेश्वर ब्लाक के तल्ला ढांगू क्षेत्र के कोटा गांव में आदमखोर गुलदार की दहशत से ग्रामीणों ने प्राथमिक स्कूल को पंचायत भवन में शिफ्ट कर दिया है। ग्रामीणों ने यह निर्णय विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए लिया है। ग्रामीण बच्चों को स्कूल छोड़ने और छुट्टी के बाद उन्हें लेने के लिए टोली बनाकर आवाजाही कर रहे हैं। गुलदार की इतनी दहशत बनी है कि ग्रामीण दिन में भी लाठी डंडों से लैस होकर चल रहे हैं।
गत 10 जून की रात कोटा गांव में मेहरबान सिंह के परिवार में उनके दस वर्षीय बेटे अभिषेक को निवाला बनाने वाले गुलदार को वन विभाग ने आदमखोर घोषित कर जहां चुप्पी साध ली है, वहीं गुलदार के स्कूल और गांव में कई बार दिखने से ग्रामीणों में दहशत है। दो दिन पहले स्कूल परिसर में गुलदार के धमकने से ग्रामीणों को प्राथमिक स्कूल को आबादी के पास स्थित पंचायत भवन में शिफ्ट करने का निर्णय लेना पड़ा है।
प्रधान प्रभा देवी और उनके पति राजपाल सिंह राणा का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए ग्रामीण चिंतित है। प्रशासन और वन विभाग ने ग्रामीणों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। प्रधान के अनुसार ग्रामीणों ने गत दिवस लक्ष्मणझूला दौरे पर आए एसडीएम जीआर बिनवाल को आदमखोर गुलदार की दहशत की व्यथा सुनाई है।
मैने राजाजी नेशनल पार्क के वन्यजीव प्रतिपालक चीला को गांव में शूटर भेजने के लिए कहा है। वन विभाग को चेताया गया है कि आदमखोर गुलदार ने यदि कोई दूसरी वारदात की तो उसके लिए विभाग उत्तरदायी रहेगा।
-जीआर बिनवाल, एसडीएम कोटद्वार/यमकेश्वर।