राज्य प्रवेश परीक्षा में 1156 रैंक लाने वाले अभ्यर्थी गौतम पोद्दानी किसी कारण से मुख्य काउंसलिंग में सीट लॉक नहीं कर सके। लखनऊ विवि द्वारा इंजीनियरिंग की सीटों पर सीधे दाखिले के लिए आवेदन मांगने पर उसने भी आवेदन फॉर्म भर दिया। अच्छी रैंक होने की वजह से उन्हेें उम्मीद थी कि मनचाही ब्रांच में उसे दाखिला मिल जाएगा। पर, लविवि ने आठ अगस्त को प्रस्तावित स्पॉट काउंसलिंग रद्द कर दी।
ऐसे में मजबूरी में पोद्दानी ने राजधानी के ही एक निजी संस्थान में जाकर दाखिला लिया। अब उससे खराब रैंक वाले अभ्यर्थियों को दाखिला दिया जा रहा है। पोद्दानी ही नहीं लविवि की स्पॉट काउंसलिंग में दाखिला पाने की आस लगाने वाले तीन सौ से ज्यादा अभ्यर्थियों का यही हाल है।
इंजीनियरिंग में अच्छे संस्थान में दाखिले के लिए जहां एक ओर मारामारी मचती है वहीं दूसरी तरफ खराब संस्थानों की तरफ कोई मुंह उठाकर भी नहीं देखता है। राज्य प्रवेश परीक्षा की काउंसलिंग में पहली बार शामिल होने के बावजूद लविवि को स्टूडेंट्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। कांउसलिंग में सभी सीटें आवंटित हो गईं। लेकिन दो अगस्त तक हुई रिपोर्टिंग के बाद खाली सीटों पर स्थिति साफ हो गई।
इसके बावजूद विवि ने सीट खाली न होने की बात कहते हुए स्पॉट काउंसलिंग रद्द कर दी। ऐसे में अभ्यर्थी ने दूसरे संस्थान में दाखिला ले लिया। निजी संस्थान किसी सूरत में फीस वापस नहीं करते हैं। ऐसे में चाहकर भी वे लविवि में दाखिला नहीं ले सकते। लविवि प्रशासन इसका फायदा उठा रहा है। स्पॉट काउंसलिंग रद्द करके अब अपने चहेतों को दाखिला दिया जा रहा है।