2 मार्च की रात को नगरनार स्थित माड़पाल और दंतेश्वरी मंदिर के सामने होलिकादहन हर्षोल्लास के साथ किया गया। लेकिन 3 मार्च को चंद्रग्रहण और सूतक लगने के चलते मंदिर के पट नहीं खोले गए। दूर से आए भक्तों को मां के दर्शन न मिलने से निराशा झेलनी पड़ी।
मंगलवार, 3 मार्च आज चंद्रग्रहण है। यह दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:48 बजे तक रहेगा। इस दौरान मंदिरों के पट बंद रहेंगे। सभी धार्मिक गतिविधियां स्थगित रहेंगी। चंद्रग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले से ही शुरू हो गया है। इसलिए 3 मार्च की सुबह से ही सूतक प्रभाव में है। फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च की शाम 4:19 बजे से शुरू होकर 3 मार्च की शाम 5:07 बजे तक रहेगी। इस खगोलीय घटना के कारण धार्मिक कार्यों पर विराम लग गया।
पंडितों के अनुसार, सूतक काल में व्यक्तियों को भोजन त्याग देना चाहिए। इससे आयु, आरोग्य और बुद्धि की विशिष्टता बनी रहती है। हालांकि, बच्चों, बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और गर्भवती महिलाओं को कुछ छूट दी गई है। वे ग्रहण से लगभग डेढ़ प्रहर यानी साढ़े चार घंटे पहले तक भोजन कर सकते हैं। इसके बाद सभी को भोजन से बचना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ग्रहण काल में धार्मिक दृष्टि से जप, तप और ध्यान का विशेष महत्व बताया गया है। यह अवधि आत्मचिंतन के लिए शुभ मानी जाती है। ग्रहण खत्म होने के बाद कपड़े सहित स्नान करने की परंपरा है। इन धार्मिक सावधानियों का पालन करना आवश्यक है।