दून महिला अस्पताल में जिस नवजात बच्ची को बदलने को लेकर विवाद हो गया था उस बच्ची की डिस्चार्ज होकर घर पहुंचने पर हालत बिगड़ गई है। परिजनों को कहना है मौसम बदलने की वजह से बच्ची को थोड़ी ठंड लग गई है। उसकी देखभाल की जा रही है। हालांकि एक सप्ताह बाद डीएनए रिपोर्ट आने के बाद बच्ची किसकी है इस बात का भी खुलासा हो जाएगा।
दरअसल बुधवार को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने पुलिस और अस्पताल प्रबंधन की मौजूदगी में दोनों नवजातों और उनके माता-पिता के खून के सैंपल डीएनए रिपोर्ट के लिए दिलाए थे। इन सैंपलों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफ एसएल) भेज दिया गया था। उसके बाद औपचारिकताएं पूरी कर भर्ती दोनों प्रसूताओं को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी थी। साथ ही जिस प्रसूता के पास नवजात बच्ची है उसे डीएनए रिपोर्ट आने तक उसका पालन-पोषण करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन, घर पहुंचते ही बच्ची की तबीयत बिगड़ने लग गई है।