झज्जर। उपायुक्त वर्षा खांगवाल के निर्देश पर रविवार को अवकाश के दिन भी कृषि विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर किसानों की एग्रीस्टैक फार्मर आईडी बनाने के अभियान में जुटी रहीं। टीमों ने पात्र किसानों का पंजीकरण करने के साथ उनके भूमि-भूखंडों को फार्मर आईडी से जोड़ने और उन्हें डिजिटल कृषि सेवाओं से जोड़ने का कार्य किया। जिला प्रशासन ने अभियान की प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग की।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के प्रत्येक पात्र किसान की फार्मर आईडी बनाने का कार्य मिशन मोड में पूरा किया जाए। साथ ही, सभी भूमि पार्सल को संबंधित फार्मर आईडी से जोड़ने को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक के तहत फार्मर आईडी किसानों की पहचान और कृषि संबंधी जानकारी को एकीकृत करने की महत्वपूर्ण पहल है। इससे किसानों को विभिन्न डिजिटल कृषि सेवाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिल सकेगा।
डीसी ने कृषि एवं राजस्व विभाग के फील्ड कर्मचारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य भी प्रभावी तालमेल के साथ निर्धारित समय में पूरा करने को कहा, ताकि पात्र किसानों को योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके।