जिन जांच अधिकारियों के पास दशकों से मामले पड़े हैं उन्हें मामले निपटाने के लिए 10 दिन का समय दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी जांच अधिकारी तथाकथित जांच रिपोर्ट नहीं देते हैं तब भी विभागाध्यक्ष इन मामलों में वैधानिक तौर पर प्राथमिकी दर्ज करवाएं।
उन्होंने कहा कि आपराधिक मामलों की जांच में देरी करने वालों के खिलाफ भी आपराधिक मामले बनाए जाएं जाने चाहिए। कई सालों से चल रही विभागीय जांच समय पर पूरी नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही शुरू की जाए।
शिक्षा सचिव ने कहा कि प्राथमिक जांच सेवानिवृत्त अधिकारियों के पास कैसे लंबित हैं। इसकी भी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उन्हें उनके पद से तुरंत हटाया जाए। इस मामले को लेकर उन्होंने 30 जून तक रिपोर्ट मांगी है।