राजधानी में स्ट्रीट क्राइम पर अंकुश लगाने के पुलिस के प्रयासों के बावजूद बदमाश बीच सड़क पर घटना को अंजाम देने से नहीं चूक रहे। इन दिनों दिल्ली में एक ऐसा गैंग सक्रिय है जो वाहन चालकों को एक्सीडेंट करने की बात कहकर रोकते हैं और फिर उन्हें बातों में उलझा लेते हैं।
फिर इनके गैंग के अन्य सदस्य लोगों के दो पहिया वाहन में रखी नकदी पर हाथ साफ कर देते हैं। हाल में ही गुलाबी बाग और कश्मीरी गेट इलाके में लाखों रुपये उड़ाकर बदमाशों ने पुलिस को खुली चुनौती दे दी है।
शालीमार बाग निवासी अमित कुमार चौधरी (24) पिछले दो साल से वजीरपुर इंडस्ट्रीयल एरिया स्थित एक फैक्टरी में कलेक्शन एजेंट का काम करता है। बृहस्पतिवार को वह चांदनी चौक के एक कारोबारी से ग्यारह लाख रुपये का कलेक्शन करने के बाद एक अन्य कर्मचारी प्रकाश के साथ स्कूटी से वजीरपुर जा रहा था।
रुपये स्कूटी की डिग्गी में थे। प्रताप नगर मेट्रो स्टेशन के पास एक बाइक उसकी स्कूटी से टच कर गई। उल्टा बाइक सवार युवक अमित से कहासुनी करने लगा। इसी दौरान एक अन्य बाइक पर सवार दो युवक आए और स्कूटी से रुपये निकालकर फरार हो गए।
वहीं दूसरी घटना में शाहदरा स्थित एक निजी कंपनी में काम करने वाला कृष्णा नगर निवासी रविंद्र वर्मा 12 अगस्त को चांदनी चौक के एक दुकानदार से पांच लाख रुपये का कलेक्शन कर स्कूटी से शाहदरा जा रहा था। कश्मीरी गेट इलाके में बाइक सवार दो युवकों ने उसे रोका और बाइक ठीक से चलाने की नसीहत देने लगे। इस बात को लेकर रविंद्र की उनलोगों से बहस होने लगी।
इसी बीच एक व्यक्ति ने बताया कि अन्य बाइक पर सवार दो युवक उसकी स्कूटी से कुछ निकालकर ले गए हैं। रविंद्र ने वापस आकर डिग्गी की जांच की तो पता चला कि बदमाश उसमें रखे रुपये निकाल ले गए। इतने देर में कहासुनी कर रहे दोनों बाइक युवक भी फरार हो चुके थे।