तीन वर्षीय बच्ची से दुराचार के प्रयास और छेड़छाड़ के मामले के आरोपी को महज 18 दिन में सजा सुना दी। ये ऐतिहासिक फैसला लिया चंडीगढ़ में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शालिनी सिंह नागपाल की अदालत ने।
मात्र 18 दिन में फैसला सुनाते हुए अदालत ने आरोपी यूपी के हरदोई निवासी बीर बहादुर को पांच साल तीन महीने की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये जुर्माना भी किया।
कजहेड़ी निवासी तीन वर्षीय बच्ची 02 मार्च को अपने घर के बाहर खेल रही थी। तभी नशे में धुत पड़ोसी उसे उठाकर घर ले गया और दुराचार की कोशिश की। बच्ची का शोर सुनकर पड़ोसियों ने आरोपी बीर बहादुर की पिटाई कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया था।
बाद में बच्ची के पिता की शिकायत पर सेक्टर 36 थाना पुलिस ने बीर बहादुर के खिलाफ दुराचार के प्रयास, छेड़छाड़ और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सैक्सुअल आफेंसेज एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। सरकारी वकील मनु कक्कड़ ने बताया कि यह पहला इस तरह का मामला है, जिसका 18 दिन के भीतर फैसला हो गया।
टाइम लाइन
- 02 मार्च बीर बहादुर के खिलाफ सेक्टर 36 थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया।
- 07 मार्च पुलिस ने बीर बहादुर के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर की।
- 12 मार्च अदालत ने बीर बहादुर पर बच्ची से दुराचार के प्रयास और छेड़छाड़ के आरोप तय किए।
- 14 मार्च एक घंटे में सरकारी वकील मनु कक्कड़ द्वारा ट्रायल पूरा।
- 16 मार्च आरोपी बीर बहादुर को दोषी करार।
- 19 मार्च दोषी बीर बहादुर को सजा सुनाई।