कांकेर जिले के पखांजूर में एक दंपती ने एक युवक को सॉफ्टवेयर कंपनी में 10 फीसदी साझेदारी और मुख्य तकनीकी अधिकारी बनाने का झांसा देकर 43 लाख 44 हजार 900 रुपये की धोखाधड़ी की है। पुलिस ने ज़ीलैप व्यू प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनंद चंदेल और उनकी पत्नी रेखा चंदेल को मुंबई से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को पखांजूर लाकर न्यायालय में पेश किया गया।
पखांजूर थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी आनंद चंदेल और रेखा चंदेल ने मनीष सोनी नामक युवक को अपना शिकार बनाया। वर्ष 2021 से 2025 के बीच, दंपती ने मनीष को ज़ीलैप व्यू प्राइवेट लिमिटेड में मुख्य तकनीकी अधिकारी और 10 फीसदी साझेदार बनाने का झूठा प्रलोभन दिया।
उन्होंने इस धोखाधड़ी के लिए फर्जी दस्तावेज़, फर्जी चेक और व्यवसाय कार्ड का इस्तेमाल किया। दंपती ने मनीष सोनी से अलग-अलग किस्तों में ऑनलाइन माध्यम से कुल 43 लाख 44 हजार 900 रुपये प्राप्त किए। हालांकि, पैसे लेने के बाद भी मनीष को न तो कंपनी में साझेदारी मिली और न ही मुख्य तकनीकी अधिकारी का पद। दंपती हर बार उसे टालते रहे, जिससे परेशान होकर मनीष ने पखांजूर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान भारतीय न्याय संहिता की धारा 338, 336(3) और 340(2) भी इस मामले में जोड़ी गईं।
घटना के बाद से आरोपी आनंद चंदेल और रेखा चंदेल फरार थे। थाना प्रभारी लक्ष्मण केवट ने उनकी गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम गठित की। यह टीम आरोपियों का पता लगाने मुंबई भेजी गई। जांच और साक्ष्यों के आधार पर, पुलिस ने दोनों आरोपियों को मुंबई, महाराष्ट्र से हिरासत में लिया।
हिरासत में लिए जाने के बाद आरोपियों से गहन पूछताछ हुई। पूछताछ में, आनंद चंदेल और रेखा चंदेल ने शिकायतकर्ता से 43 लाख 44 हजार 900 रुपये लेने की बात स्वीकार की। उन्होंने फर्जी पहचान पत्र, व्यवसाय कार्ड, फर्जी चेक और अन्य फर्जी दस्तावेज़ों के उपयोग की बात भी मानी। 13 मई को दोनों को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर पखांजूर लाया गया और न्यायालय में पेश किया गया।