हिमाचल के सरकारी स्कूलों में जमा एक और दो कक्षाओं में संस्कृत विषय शुरू करने पर सरकार विचार करेगी। यह बात मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शुक्रवार को ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की बैठक में कही। उन्होंने बोर्ड सदस्यों की मांग पर आश्वासन दिया कि संस्कृत भाषा को सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला स्तर पर आरंभ किया जाएगा।
अभी दसवीं तक संस्कृत पढ़ाई जाती है। दूसरी घोषणा के तहत सीएम ने कहा कि सूबे में परशुराम भवनों के निर्माण के लिए ब्राह्मण समुदाय को एक रुपये की लीज पर जमीन दी जाएगी। सभी जिला उपायुक्तों को जिला स्तर पर जमीन आवंटित करने के निर्देश दिए। जमीन का चयन समुदाय के सदस्य करेंगे।
तीसरी घोषणा: उन्होंने अधिकारियों को सूबे के बड़े मंदिरों में पुस्तकालय स्थापित करने के भी निर्देश दिए, जिससे अनुसंधानकर्ताओं को लाभ मिले। मुख्यमंत्री ने पूर्व मंत्री स्व. पंडित संतराम पर आधारित त्रिलोक सूर्यवंशी की ‘साधारण में असाधारण’ शीर्षक वाली पुस्तक का विमोचन भी किया। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि सभी सदस्य अपनी मांगों को सुझाव सहित तैयार रखें, ताकि सार्थक निर्णय सामने आ सके।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री तथा बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. धनीराम शांडिल, शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा, वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, मुख्य संसदीय सचिव आईडी लखनपाल, विधायक संजय रतन, मुख्य सचिव वीसी फारका, मुख्य सचिव जीएडी डॉ. अश्वनी शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण श्रीधर, आरडी धीमान, पूर्व विधायक बाबूराम गौतम और तिलक राज शर्मा आदि मौजूद रहे।
सनातन धर्म संस्कृत कॉलेज का होगा अधिग्रहण
बैठक में बोर्ड सदस्य पं. पवन कुमार ने सनातन धर्म संस्कृत कॉलेज चंबा के सरकारीकरण का मामला उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने कॉलेज का सरकार की ओर से अधिग्रहण करने का एलान किया। कॉलेज का भव्य भवन बनाया जाएगा।