रोहतक। कांग्रेस की 01 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित महारैली से पहले भाजपा प्रदेश के तीन जिलों में बड़ी पदयात्राएं निकाल कर विरोध जताएगी। सीएम नायब सिंह सैनी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता खुद इनका नेतृत्व करेंगे। अचानक रोहतक पहुंचकर सीएम सैनी ने पदयात्रा की तैयारी की समीक्षा की। हालांकि, इस मामले में उन्होंने कुछ भी साफ-साफ बोलने से परहेज किया। हाथ जोड़कर बस इतना कहा कि जल्द ही रोहतक आऊंगा। इसके बाद वह वहां से निकल गए।
सोमवार दोपहर को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता रोहतक स्थित भाजपा कार्यालय मंगल कमल में प्रेसवार्ता कर रही थीं कि अचानक पुलिस के पहुंचने से गहमागहमी बढ़ गई। पुलिस ने कार्यालय की घेराबंदी कर सुरक्षा बढ़ा दी। तभी पता चला कि सीएम नायब सिंह सैनी शाम को रोहतक पहुंच रहे हैं। भाजपा नेताओं को भी कार्यक्रम की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। शाम को सीएम नायब सिंह सैनी बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय स्थित हेलीपैड पहुंचे। वहां से तिलियार पर्यटन केंद्र पर पहुंचकर पार्टी व अफसरों की मीटिंग ली। कार्यक्रम से मीडिया को दूर रखा गया।
इसके बाद सीएम नायब सिंह सैनी भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने बंद कमरे में पदाधिकारियों की बैठक ली। बाद में लौटते समय उन्होंने मीडिया में कुछ भी बयान नहीं दिया।
31 को रोहतक में पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे नायब सिंह सैनी
प्रदेश मीडिया सह प्रभारी शमशेर खरक ने बताया कि 31 अक्तूबर को रोहतक में होने वाली पदयात्रा का नेतृत्व सीएम नायब सिंह सैनी और प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता की ओर से संयुक्त रूप से किया जाएगा। पदयात्रा सुबह 8 बजे सीआर पॉलीटेक्निक से शुरू होकर मेडिकल मोड़, डी-पार्क, बजरंग भवन, अशोका चौक होते हुए नेताजी सुभाष चौक पर समाप्त होगी। इसमें 20 हजार कार्यकर्ताओं को लाने का लक्ष्य रखा गया है। रोहतक पदयात्रा के प्रभारी व पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने बताया कि पदयात्रा में रोहतक, भिवानी, झज्जर, रेवाड़ी, हिसार व हांसी जिले के कार्यकर्ता शामिल होंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि हमारा कार्यक्रम पहले से ही तय है, इसमें कांग्रेस की 01 नवंबर की महारैली को ध्यान में नहीं रखा गया है।
कांग्रेस के प्रदर्शन से पहले भाजपा की तीन पदयात्राएं
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने बताया कि भाजपा 30 अक्तूबर को कुरुक्षेत्र, 31 को रोहतक और 01 नवंबर को फरीदाबाद में पदयात्रा निकाल कांग्रेस के एसआईआर और वोट चोरी के आरोपों पर जनता के सामने हकीकत रखेगी।
बता दें कि 01 नवंबर को ही नई दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस ने महारैली बुला रखी है। ऐसे में अचानक भाजपा भी कांग्रेस पर हमलावर हो गई है। राजनीति के जानकार भाजपा के इस कदम को कांग्रेस की महारैली से जोड़कर देख रहे हैं। उनका मानना है कि भाजपा महारैली से पहले ही यह माहौल बनाना चाहती है कि कांग्रेस के आरोप निराधार हैं।
-समाप्त-