जगदलपुर के नगरनार एनएमडीसी कंपनी में तैनात सीआईएसएफ जवान आकाश चौधरी महाशिवरात्रि के दिन साथियों के साथ ओडिशा सीमा स्थित गुलमी वाटरफॉल पहुंचे, जहां नहाने के दौरान पानी में डूब गए। कोटपाड़ पुलिस और गोताखोरों की टीम रविवार दोपहर से लगातार तलाश कर रही है, लेकिन अब तक जवान का पता नहीं चला, परिजनों को सूचना दे दी गई है।
छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा पर स्थित गुलमी वाटरफॉल में महाशिवरात्रि के अवसर पर घूमने गए एनएमडीसी कंपनी के सीआईएसएफ के एक जवान के पानी में डूब जाने की खबर है। रविवार दोपहर से जवान की लगातार तलाश की जा रही है, लेकिन अभी तक उसका कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस ने इस मामले में साथ गए अन्य जवानों से पूछताछ शुरू कर दी है।
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नगरनार एनएमडीसी कंपनी में पदस्थ सीआईएसएफ कंपनी के पांच से छह जवान महाशिवरात्रि पर ओडिशा सीमा में स्थित गुलमी वाटरफॉल घूमने गए थे। वहां खाना खाने के बाद 28 वर्षीय जवान आकाश चौधरी नहाने के लिए पानी में उतरा था, तभी वह डूब गया। जब आकाश अपने साथियों को दिखाई नहीं दिया, तो उन्होंने उसकी खोजबीन शुरू की और आवाज भी लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद साथियों ने अपने उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद कोटपाड़ पुलिस को सूचित किया गया।
पानी में डूबे जवान की तलाश जारी
मामले की जानकारी देते हुए कोटपाड़ थाना प्रभारी ए मोहन खाखा ने बताया कि रविवार दोपहर से ही जवान की तलाश जारी है। फिलहाल, जवान के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन ने बचाव कार्य तेज कर दिया है। लगातार गोताखोरों की मदद से पानी में डूबे जवान की तलाश की जा रही है। पुलिस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए अन्य साथियों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि यह समझा जा सके कि यह कोई हादसा था या लापरवाही का मामला।
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यह घटना गुलमी वाटरफॉल जैसे पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े करती है। खासकर जब जवान जैसे सुरक्षाकर्मी भी ऐसी घटनाओं का शिकार हो रहे हों। ऐसे स्थलों पर पानी में उतरने से पहले सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और चेतावनी बोर्ड का होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं रोकी जा सकें। प्रशासन से उम्मीद है कि वह बचाव कार्य में पूरी तत्परता दिखाएगा और जवान को खोजने में सफलता प्राप्त करेगा।