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चीनी एप पर प्रतिबंध को युवाओं ने बताया सही कलम

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शील भारद्वाज बहादुरगढ़ चाइनीज एप्स पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को तमाम युवाओं ने सही ठहराया है और कहा कि चीन से आयात पर शुल्क में इतनी बढ़ोतरी करनी चाहिए कि आयातकों को सौदे में लाभ नहीं हो और वे आयात न करें। इससे चीन को आर्थिक रूप से घाटा उठाना पड़ेगा। चीन के एप्स बंद होने पर सोशल मीडिया में युवाओं ने जमकर चुस्की ली। सबसे ज्यादा चर्चा टिक-टाक स्टार भाजपा नेत्री सोनाली फोगाट की रही। चीनी सामान विरोधी मंच ने 59 चीनी एप्स बैन करने के भारत सरकार के फैसले का स्वागत किया। मंच के संयोजक राजेश खत्री ने चीन के सामान पर पाबंदी के साथ-साथ आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि चीन अपनी हरकतों से तभी बाज आ सकता है जब उसको आर्थिक रूप से भारी नुकसान पहुंचाया जाए। चीनी एप टिक टाक बंद होने की सोशल मीडिया में सबसे ज्यादा चर्चा रही। कई लोगों ने कहा कि ये बहुत बड़ा सिर दर्द मिट गया।  टिक टिक पर रोक लगने पर भाजपा नेत्री सोनाली फोगाट का जिक्र करके भी लोगों ने खूब चुस्की ली। ऋषि भारद्वाज ने कहा कि सोनाली का नाम लिए बिना ही कहा कि उनको टिकट ही टिक टोक की वजह से मिली। वीरेंद्र वत्स ने कहा कि टिक टोक ने ही हरवाया भी और सरकारी अधिकारी को चप्पल मारने के आरोप में गिरफ्तारी भी करवाई। वीरेंद्र ने कहा कि चोखा रांद कट गी, दुखी कर राक्खे थे इस टिक टोक नै भी। योगाचार्य पूनम सहरावत ने कहा कि छोटे बच्चे भी टिक टाक और चीन के मोबाइल गेम्स में घुसे रहते हैं। इन चीजों ने बच्चों का भविष्य खराब कर दिया है। उनका स्वास्थ्य खराब होता जा रहा है। बुद्धि कमजोर पड़ रही है। बच्चों का ध्यान मोबाइल से हटाकर मैदान के खेल और नैतिक शिक्षा में लगाने की जरूरत है। विनोद कुमार ने चुस्की ली कि टिक टाक बनाने वालों का रोजगार चला गया, उन्हें बेरोजगारी भत्ता दिया जाना चाहिए। वीरेंद्र कुमार बोले, कोट्ठे म्ंह बड़-बड़ रोंदे होंगे टिक-टाक आले। एक युवक बोला टिक टोक को कोरोना हो गया, खुद तो चल ही बसा, साथ वाले 58 को भी ले गया। आयुर्वेदाचार्य प्रवीन यादव ने कहा कि चीन के मोबाइल गेम बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। कई गेम्स व एप्स बच्चों को एक तरह के नशे का आदी बना देते हैं। चीन के साथ केवल खराब संबंधों के दौरान ही नहीं, इन पर हमेशा के लिए रोक लगनी चाहिए। एक युवा ने कहा कि शुक्र है सरकार ने 59 एप्स पर ही रोक लगाई। अगर यह 59 की जगह 56 होता तो कुछ लोगों को ये एक प्रकार का जलन उभरता, जिसके उपाय सिर्फ बर्नोल होता।
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