कानपुर: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जाम-2018 में कानपुर के छात्रों ने देशभर में जलवा बिखेरा है। आईआईटी कानपुर के 2016 बैच के पूर्व छात्र चिराग झा ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ब्रांच से देश में पहला स्थान हासिल किया है।
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सिविल इंजीनियरिंग ब्रांच से ऑल इंडिया तीसरे स्थान पर भी आईआईटी के ही पूर्व छात्र प्रवीण कुमार हैं। सिविल इंजीनियरिंग ब्रांच से सातवें स्थान पर हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के पूर्व छात्र रोहित कुमार राजपूत हैं। दोनों संस्थानों के करीब 50 से ज्यादा छात्रों ने इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जाम के अलग-अलग ब्रांच में टॉप रैंकिंग के साथ सफलता हासिल की है। परिणाम जारी होते ही शहर के शिक्षण संस्थानों में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रोफेसर और छात्रों ने पूर्व छात्रों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया।
आईआईटी के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने बताया कि इंस्टीट्यूट के कई छात्रों ने परीक्षा में सफलता हासिल की है। चिराग ने इंस्टीट्यूट का नाम रोशन किया है। एचबीटीयू की पूर्व छात्रा लवी अग्रवाल ने 74वीं, अंबरीश सिंह ने 52वीं और अंशुल भारती ने 141वीं रैंक हासिल की है। आईआईटी के सुयश द्विवेदी ने सिविल इंजीनियरिंग ब्रांच में ऑल इंडिया 30वीं रैंक हासिल की है। एचबीटीयू के कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने पूर्व छात्रों की सफलता पर उन्हें बधाई दी। सुयश मूलत: उन्नाव के रहने वाले हैं। उनकी प्रारंभिक पढ़ाई उन्नाव के सेंट लॉरेंस स्कूल में हुई है।
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एक साल की तैयारी में कई छात्रों ने पाई सफलता
इंजीनियरिंग सर्विसेज में सफलता हासिल करने वाले कई टॉप रैंकर्स ने बताया कि यह उनकी एक वर्ष की मेहनत का प्रतिफल है। चिराग बताते हैं कि उन्होंने 2016 में स्नातक करने के बाद इंजीनियरिंग सर्विसेज की तैयारी शुरू की थी और पहली बार में ही उन्हें सफलता मिल गई। तीसरी रैंक हासिल करने वाले प्रवीण और चौथी रैंक पाने वाले आईआईटी बीएचयू के अमित कुमार ने भी पहली बार में ही इसे क्वालीफाई किया है।
किस ब्रांच से कितने उम्मीदवार हुए चयनित
यूपीएससी की ओर से जारी आंकड़े के अनुसार इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जाम 2018 में सबसे ज्यादा सिविल इंजीनियरिंग ब्रांच के उम्मीदवारों का चयन हुआ है। कुल 161 उम्मीदवारों ने इसमें सफलता हासिल की है। इसके अलावा मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 136, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के 108 और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग ब्रांच के 106 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। देश में कुल 511 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया गया है।
देश के सभी मंत्रालयों, विभागों में मिलती है तैनाती
जुलाई में परीक्षा, सितंबर-अक्तूबर में हुए इंटरव्यू
इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जाम का आयोजन इस साल जुलाई में हुआ था। इसमें चयनित उम्मीदवारों को सितंबर से अक्तूबर के बीच इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था।
इंजीनियरिंग सर्विसेज के क्रेज के चलते ही बड़ी संख्या में छात्र इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते हैं। शुरू से ही छात्र इसमें अपना कॅरियर बनाने का सपना देखते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इंजीनियरिंग सर्विसेज में सफल होने वालों को देश के कई बड़े पदों पर आसीन होने का मौका मिलता है।
यूपीएससी के नोटिफिकेशन के मुताबिक इस परीक्षा को पास करने वाले उम्मीदवारों को इंडियन रेलवे, सेंट्रल इंजीनियरिंग सर्विस (रोड), एईई इन बॉर्डर रोड इंजीनियरिंग सर्विसेज, इंडियन स्किल डेवलपमेंट सर्विस, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इंडियन ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज सर्विसेज, इंडियन डिफेंस सर्विस ऑफ इंजीनियर्स, इंडियन नेवल आरमामेंट सर्विस, इंडियन रेडियो रेगुलेट्री सर्विसेज सहित कई बड़े पदों की जिम्मेदारी मिलती है। बाद में अनुभव के स्तर पर इन अधिकारियों को आईएएस की जिम्मेदारी भी दे दी जाती है।