झारखंड के साहिबगंज जिले में अवैध खनन की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की रांची स्थित टीम साहिबगंज पहुंची है। जांच दल में सीबीआई के छह अधिकारी शामिल हैं। जांच टीम जिले में तीन-चार दिन रुककर अवैध खनन की जांच करेगी और अवैध तरीके से निकाले गए खनिजों का मूल्यांकन करेगी।
सीबीआई ने हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में अब तक करीब 100 करोड़ रुपये के अवैध खनन की पुष्टि कर चुकी है और संबंधित वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा चुकी है। प्रारंभिक जांच में नीबू पहाड़ क्षेत्र में सूत्रों के हवाले से तीन लोगों द्वारा अवैध खनन की पुष्टि हुई है।
दो करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त
सीबीआई ने साहिबगंज के तत्कालीन जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) के ठिकानों पर छापेमारी कर दो करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त कर ली है।
सीबीआई ने जांच की गति बढ़ा दी
सरकार ने हाईकोर्ट के सीबीआई जांच आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के बाद अवैध खनन मामले में आरोप पत्र दायर करने पर रोक लगा दी थी। हालांकि, जांच जारी रखने का आदेश दिया गया। वर्ष 2025 में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप पत्र दायर करने पर लगी रोक हटाने का अनुरोध किया। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए रोक हटा दी और इसके बाद से सीबीआई ने जांच की गति बढ़ा दी है।
आवश्यक दस्तावेजों की जब्ती की संभावना
जांच केवल खनन स्थलों तक सीमित नहीं रहेगी। सीबीआई पूरे अवैध खनन तंत्र-उत्खनन, क्रशर संचालन और बिक्री की कड़ियों को जोड़कर पड़ताल करेगी। इस क्रम में संबंधित लोगों से पूछताछ और आवश्यक दस्तावेजों की जब्ती की संभावना है।
सीबीआई की मौजूदगी से जिले के प्रशासनिक हलकों में खलबली मची हुई है। सूत्रों के अनुसार, टीम ने आज सकरीगली समदा घाट और महादेवगंज स्थित नीबू पहाड़ खदान क्रशर में जाकर जांच-पड़ताल की। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह कार्रवाई साहिबगंज में वर्षों से चल रहे अवैध खनन के बड़े खेल पर से पर्दा उठा सकती है।
सीबीआई की टीम साहेबगंज पहुंची