क्या कहते हैं कारोबारी :
देश की संरक्षित धनराशि के चलते मंदी जैसे हालात कभी नहीं पैदा होंगे। त्योहारों के सीजन में खरीदारी का अच्छा मौका होता है। -रबीश गुप्ता, निदेशक, गणपति ऑटो
सरकार को टैक्स पर फिर से विचार करना चाहिए। कुछ चीजों पर टैक्स कम करने की जरूरत है। व्यापार के सरल उपाय भी तलाशने चाहिए। -कुशाग्र अग्रवाल, सीईओ, यूएस अग्रवाल
वैसे तो मंदी जैसे हालात नहीं है, लेकिन सरकार अगर व्यापारिक वार्ता को और बढ़ावा दे तो कारोबार में और प्रगति हो सकेगी। -संजय बनर्जी, शंकर ब्रदर्स
देश की अर्थव्यवस्था अच्छी है। सही मायने में खरीदारी का यह बेहतर समय है, सभी चीजें उचित मूल्यों पर मिल रही हैं। -यूआर सिंह, निदेशक, उदय बजाज
अगर कोई कहता है कि देश में मंदी है तो मैं नहीं मानता, हां नगद भुगतान की राशि बढ़ा दी जाए तो बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। -जेपी तिवारी, अध्यक्ष, वाराणसी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
बाकी तो सब कुछ सही है, लेकिन व्यापारियों विशेष कर वाहनों को लेकर कुछ नियमों में बदलाव की आवश्यकता है। -एसपी श्रीवास्तव, वाराणसी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष
चारों ओर जिस मंदी की चर्चा है, ऐसा कारोबार में नहीं है। लोगों तक यह बात पहुंचाने के लिए सरकार को पहल करनी चाहिए। -नीलेश गुप्ता, निदेशक, लक्ष्मी ऑटो एजेंसी
इस समय गाड़ी खरीदने का अच्छा मौका है। जो लोग बीएस-6 का इंतजार कर रहे हैं, वह बीएस-4 भी खरीद सकते हैं। इन पर छूट दी जा रही है। -राजीव गुप्ता, निदेशक, एजीआर ऑटो मोबाइल
बाजार को और तेजी से चलाने के लिए नगद भुगतान की मात्रा बढ़ाने की जरूरत है। इससे लोगों को मार्केटिंग में लाभ मिलेगा। -विनय कुमार गुप्ता, अध्यक्ष, वाराणसी मोटर पार्ट्स
एक्सपर्ट की राय :
देश में मंदी की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं है। मार्केटिंग एजेंडा बदलने की जरूरत है। नीतियों में जो बदलाव हो रहे हैं, उसका असर दूूरगामी होगा। 2020 तक बाजार में अच्छा बूम आ सकता है। त्योहारों में लोग खुलकर खरीदारी करें। जीएसटी से अर्थव्यवस्था पर अच्छा असर पड़ा है, इसके भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। -जमुना शुक्ला, सीए
बाजार में दिखने वाले हालात मंदी नहीं है। इसे बाजार की सुस्ती कह सकते हैं। इसमें चिंता करने वाली कोई बात नहीं है। त्योहारों में पूरा बाजार पटरी पर आ जाएगा। यह आने वाले समय में कारोबार को काफी लाभ पहुंचाएगा। व्यापारियों को सकारात्मक सोच के साथ कारोबार में आगे बढ़ना चाहिए। लोगों को देश की अर्थ व्यवस्था को लेकर सोच बदलने की भी जरूरत है। -विजय कुमार शर्मा, सीए
देश की अर्थ व्यवस्था काफी मजबूत है। ये उपभोग पर आधारित है जो देश के भविष्य के लिए सही है। सरकार ने भी बैंकों को यह आदेश जारी किया है कि किसी भी व्यापारी का बैंक एकाउंट एनपीए घोषित नहीं किया जाएगा। बैंकिंग सेक्टर व्यापारियों को सुविधाएं देने के लिए तैयार है। व्यापारी खुल कर कारेाबार करें, ताकि अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचे। बैंक हर संभव मदद करेंगे। -एसके सचदेवा डीजीएम, यूको बैंक