उद्योग को एक बड़ी राहत यह भी है कि जीएसटी लागू होने से टैक्स सब्सिडी ले रहे उद्योगों को रिफंड का भुगतान केंद्र करेगा। प्रदेश में खेती-किसानी से जुड़ा बड़ा मुद्दा सेब बागवानों को आयात शुल्क बढ़ाने से जुड़ा है, जिसपर केंद्र ने वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूटीओ) करार के कारण नहीं बढ़ाया।
बजट में ऑपरेशन ग्रीन के तहत 12 सौ करोड़ का शुरुआती निवेश हिमाचल के आधा दर्जन जिलों के किसानों को फायदा पहुंचाएगा। भविष्य में इस योजना से दूसरी सब्जियां भी जुड़ने की उम्मीद है। जैविक खेती का समर्थन, खाद्य संसाधन, खरीफ फसलों के न्यूनतम मूल्य डेढ़ गुणा तय होने से राजमा, माश के साथ मक्का की पैदावार को फायदा होगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी आयुष्मान योजना हिमाचल में लाखों परिवारों के लिए संजीवनी है।
नए एयरपोर्ट निर्माण में मंडी को हवाई अड्डा तो शिमला के अड्डे का विस्तारीकरण की संभावना है। हेली टैक्सी में केंद्र से मदद मिलना तय है। रेल लाइनों में हिमाचल को भले कुछ नहीं मिला, लेकिन लाइनों के अपग्रेडेशन में हिमाचल के हिस्से कुछ न कुछ जरूर आ सकता है।
इसको लेकर जयराम सरकार की केंद्र में की पैरोकारी पर काफी कुछ निर्भर करेगा। नए मेडिकल कॉलेजों पर स्थिति साफ नहीं है, लेकिन प्रदेश को कोई नया संस्थान नहीं मिला है। हालांकि आईआईएम, एम्स और आईआईटी जैसे संस्थान हिमाचल को पहले ही मिल चुके हैं।
- ऑपरेशन ग्रीन से आलू, टमाटर किसानों को लाभ
- खरीफ फसलों के न्यूनतम मूल्य का मिलेगा फायदा
- जैविक खेती को प्रोत्साहन से किसानी को मिलेगा प्रोत्साहन
- आयुष्मान योजना में पांच लाख का बीमा कवर राहत भरा
- प्रदेश को नया एयरपोर्ट और हेली टैक्सी में मिलेगी मदद
बड़ी उम्मीदें जो नहीं हुई पूरी
- विशेष औद्योगिक पैकेज की नहीं हुई घोषणा
- सेब पर आयात शुल्क पर नहीं हुआ फैसला
- नई रेल लाइनों की घोषणा में हिमाचल नहीं
- पब्लिक सेक्टर उपक्रमों में केंद्रीय संस्थान की घोषणा