शाहीद रमेश का पार्थिव शरीर पहुंचा घर
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जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के पास हुई मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मारने के बाद बिहार के रमेश शहीद हो गए थे। बृहस्पतिवार सुबह शहीद रमेश का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव भोजपुर के जगदीशपुर क्षेत्र स्थित देवटोला गांव पहुंचा। शहादत की खबर सुनते ही रमेश के घर हजारों लोग परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे। पार्थिव शरीर पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया। लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी और शहादत को नमन किया। दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए लोग उमड़ पड़े। क्षेत्र के लोग गमगीन हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी गहरी संवेदना जारी की है।
सिर में लगी गोली, अंतिम सांस तक दिया मुंहतोड़ जवाब
सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रमेश की शहादत को नमन करते हुए बताया कि हिजबुल, लश्कर और जेकेआईएस के तीनों आतंकियों को मार गिराने में रमेश रंजन ने अहम भूमिका निभाई। सिर में गोली लगने के बाद भी रमेश अंतिम सांस तक आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते रहे। उनके इसी जज्बे से आतंकियों के मंसूबे नााकाम हुए। शहीद रमेश सीआरपीएफ की 73वीं बटालियन में तैनात थे। उनके पिता राधामोहन सिंह बिहार पुलिस से सेवानिवृत्त हैं। वर्ष 2011 में रमेश की पहली पोस्टिंग ओडिशा में हुई थी। शहीद रमेश के पिता राधामोहन ने बताया कि वे चार भाइयों में सबसे छोटे थे। रमेश की शादी वर्ष 2016 में बड़हरा के गुंडी-सरैंया निवासी विजय राय की बेटी बेबी राय से हुई थी। अभी उनकी कोई संतान नहीं है।
अंतिम आवाज का जिक्र कर छलक पड़े आंसू
शहीद के पिता राधामोहन सिंह रमेश से हुई अंतिम बात का जिक्र करते हुए रो पड़े। आंखों से बहती आंसुओं की धारा रुकने का नाम नहीं ले रही थी। शहादत को नमन करते हुए पिता ने बताया कि मंगलवार को शाम सात बजे उनकी फोन पर बात हुई थी। बात करते समय यह अंदाजा नहीं था कि ये अंतिम बात हो रही है। शहादत के बाद ही गांव में सन्नाटा पसर गया है। वहीं सीआरपीएफ ने भी ट्वीट कर रमेश की शहादत को नमन किया है और शहीद रमेश के परिजनों को सांत्वना दी है।
रमेश की शहादत पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी गहरी संवेदना जारी की है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि सीएम ने वीर सपूत की शहादत पर उनके परिजन को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। शहीद जवान का राज्य सरकार की ओर से सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।