छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज जनता की आवाज बन चुके हैं। लोकसभा में अदाणी से जुड़ा सवाल पूछने पर राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करा दी गई, लेकिन राहुल की आवाज नहीं दबाई जा सकती। वह गीदड़ भभकियों से डरने वाले नहीं हैं। उनके साथ लोकतंत्र का हर हिमायती खड़ा है। केंद्र सरकार को बताना चाहिए कि अदाणी मामले में वह जवाब देने से वह क्यों कतरा रही है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में भूपेश बघेल ने कहा कि अदाणी के खाते में 20 हजार करोड़ रुपये कैसे आए, इन सवालों के जवाब न तो भारतीय जनता पार्टी के नेता दे रहें हैं और न ही प्रधानमंत्री कुछ बोल रहें हैं। इसके उलट कहा जा रहा है कि अदाणी पर हमला भारत पर हमला है।
उन्होंने कहा कि आरएसएस के बीएस मुंजे तानाशाह मुसोलिनी से सीख लेने यूरोप गए थे कि तानाशाही को किस तरह से लागू किया जा सकता है। सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि तानाशाह इस बात से डरता है कि लोग उससे डरना कहीं बंद न कर दें। इसी तरह से भाजपा सरकार लोकतंत्र की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। अपने विरोधियों का दमन करने के लिए हर हथकंडा अपना रहे हैं।
बघेल ने कहा कि विपक्ष के उठाए गए सवालों का जवाब न देते हुए उनके नेताओं को अयोग्य घोषित करवाया जा रहा है। अगर लोकतंत्र पर आंच आएगी तो हम खामोश बैठने वाले नहीं हैं। सरकार को यह बताना होगा कि एसबीआई और एलआईसी के पैसे किसके आदेश पर अदाणी की कंपनियों में लगाया जा रहा था। एक सवाल के जवाब में बघेल ने कहा कि राहुल को बचाने की जरूरत नहीं है, वह देश के किसानों, मजदूरों, गरीबों, नौजवानों एवं महिलाओं की आवाज बन चुके हैं।
सरनेम से पता नहीं चलती जाति
बघेल ने कहा कि सरनेम लिखने से किसी की जाति का पता नहीं चलता। नीरव मोदी और ललित मोदी पिछड़ी जाति से नहीं आते। इसलिए भाजपा मुद्दे को भटाकने का काम न करे। अगर भाजपा पिछड़ों की हितैषी है तो अब तक जातीय जनगणना क्यों नहीं कराई? अगर वास्तव में हितैषी है तो छत्तीसगढ़ राजभवन में अटका आरक्षण बिल पास करा दे। यूपी के नगरीय निकाय चुनाव क्यों नहीं कराए गए। अखिलेश यादव ने जब चुनाव हारने के बाद सीएम आवास खाली किया था तो तो गंगाजल से किसने शुद्ध कराया?प्रेसवार्ता में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बृजलाल खाबरी, राष्ट्रीय सचिव राजेश तिवारी, अनिल यादव, अशोक सिंह, ओमकार सिंह आदि मौजूद रहे।