दिल्ली में सांसद महेश कश्यप ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर बस्तर में फोरलेन सड़कें, रिंग रोड, बायपास, भारतमाला कनेक्टिविटी और सड़क सुरक्षा परियोजनाओं की मांग की। उनका कहना है कि इससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
दिल्ली प्रवास के दौरान बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर बस्तर अंचल के सड़क नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के संबंध में एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। उन्होंने क्षेत्र के समग्र विकास, व्यापारिक सुगमता और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई अहम सड़क परियोजनाओं को मंजूरी देने का आग्रह किया।
विज्ञापन
सांसद महेश कश्यप ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि सुरक्षा बलों के निरंतर प्रयासों और प्रभावी रणनीति के चलते बस्तर में नक्सलवाद पर काफी हद तक नियंत्रण स्थापित हुआ है। इस सकारात्मक बदलाव से क्षेत्र में विकास, नए उद्योगों की स्थापना, व्यापारिक गतिविधियों और पर्यटन के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन संभावनाओं को गति देने के लिए आधुनिक और मजबूत सड़क नेटवर्क समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने एनएमडीसी स्टील प्लांट की गतिविधियों और माल परिवहन को सुचारु बनाने के लिए जगदलपुर-नगरनार-ओडिशा सीमा मार्ग को फोरलेन करने की मांग की। इसके अलावा जगदलपुर-दंतेवाड़ा-बीजापुर-भोपालपटनम-तेलंगाना सीमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग को भी फोरलेन के रूप में विकसित करने का आग्रह किया, ताकि छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र के बीच व्यापार और आवागमन को गति मिल सके। विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात तक देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की सुविधाजनक और सुरक्षित आवाजाही के लिए जगदलपुर-चित्रकोट मार्ग को भी चार लेन में विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया।
सांसद ने जगदलपुर को भारतमाला परियोजना के आर्थिक गलियारों से जोड़ने, शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए रिंग रोड और बायपास के निर्माण तथा बस्तर संभाग के सभी जिला मुख्यालयों को उच्च गुणवत्ता वाले राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने के लिए विशेष विकास पैकेज स्वीकृत करने की भी मांग की। इसके साथ ही उन्होंने सड़क सुरक्षा के मद्देनजर ब्लैक स्पॉट्स के सुधार, आवश्यक स्थानों पर पुल, फ्लाईओवर और रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की जरूरत पर भी जोर दिया।
सांसद महेश कश्यप ने कहा कि इन परियोजनाओं को मंजूरी मिलने से बस्तर में व्यापार, रोजगार और पर्यटन को नई गति मिलेगी तथा क्षेत्र विकास के मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान स्थापित करेगा।