-शोक में डूबा मृतक चरित्तर का परिवार।
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आजमगढ़। केवटहिया गांव में गुरुवार की रात जहरीली शराब पीने से मरे नौ लोगों में दो सगे भाइयों चरित्तर और रामवृक्ष की मौत पुलिस ने स्वाभाविक बताकर दोनों की लाश बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार के लिए परिवार वालों को सौंप दिया। उसकी इस कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
अस्पताल में भर्ती बीमार लोगों का कहना है कि दोनों ने उनके साथ शराब पी थी। ऐसे में उनकी मौत स्वाभाविक कैसे हो सकती है। भाजपा नेता ने भी आपत्ति जताई है।
जहरीली शराब पीकर अस्पताल में भर्ती बहादुर, मनोज, सत्येंद्र आदि का कहना है कि उन्हीं के गांव का चरित्तर शराब का कारोबार करता था। वह घर से न केवल शराब बेचता था बल्कि हमेशा नशे में धुत भी रहता था। गुरुवार को सत्येंद्र आदि ने उसी के साथ बैठकर शराब पी। शराब पीने के बाद सत्येंद्र अपने घर चला गया।
रात को तबीयत खराब होने पर चरित्तर और उसके भाई रामवृक्ष सहित नौ लोगों की मौत हो गई जबकि नौ बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हैं। उधर जहरीली शराब से मौत होने की सूचना पर डीएम चंद्रभूषण सिंह, एसपी अजय साहनी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने चरित्तर और उसके भाई रामवृक्ष के शवों को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया और दोनों की मौत को स्वाभाविक बताया।
बताया जा रहा है कि पहले रामवृक्ष की स्वाभाविक मौत हुई और उसकी मौत के सदमे से उसके भाई चरित्तर की मौत हो गई। ग्राम प्रधान अवधेश निषाद ने बताया कि चरित्तर, रामवृक्ष सहित अन्य शराब, बेचते थे। गुरुवार को भी चरित्तर और उसके भाई ने शराब पी थी। भाजपा के जिला प्रचार प्रमुख नरेंद्र सिंह का कहना है कि केवटहिया गांव निषादों की बस्ती है।
यहां शायद ही किसी का पक्का मकान हो। पुलिस ने अपनी करतूत छिपाने और मामले को रफादफा करने के लिए जबरन चरित्तर और रामवृक्ष के घर वालों पर दबाव बनाकर शव का अंतिम संस्कार करवा दिया। इससे परिवार को मिलने वाला कृषक दुर्घटना बीमा का भी लाभ भी उन्हें नहीं मिल पाएगा। नरेंद्र सिंह ने कहा कि वह इस मामले को लखनऊ तक पहुंचाएंगे।