दलील यह दी गई कि एमएसपी की वजह से शराब ठेकेदार मनमाने पैसे वसूल रहे हैं। दावा किया गया कि नई सरकार की नई नीति से लोगों को सस्ते दाम में शराब मिलेगी। यह दावे के नाम पर नई नीति के जरिये सरकार ने हजार करोड़ का राजस्व भी अर्जित कर लिया।
लेकिन लोगों को अब भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शराब ठेकों में दाम भी तय कर एमआरपी को डिस्प्ले कर दिया गया है। लेकिन कम अल्कोहल वाले उत्पादों को शराब कारोबारी मनमाने दाम पर बेच रहे हैं।
वहीं, विभागीय प्रधान सचिव जेसी शर्मा ने कहा कि तय रेट से ज्यादा की शराब बेचने पर लाइसेंस कैंसल करने तक का प्रावधान है। कहा कि इस मनमानी को रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाकर नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए आबकारी आयुक्त को निर्देश दे दिए हैं।