अखिलेश यादव ने कहा कि असल में यह सोच बुनियादी तौर पर गलत है कि लोग फौज में नौकरी करने जाते हैं, जबकि युवा देशभक्ति के जज्बे से सेना में जाते हैं और अपना जीवन बलिदान करते है। वो क्या जाने सेना और सेना के जज्बे को जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन तक में हिस्सा न लिया हो।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा का रवैया शुरू से ही किसान और नौजवान विरोधी रहा है। भाजपा का दो करोड़ नौकरी प्रतिवर्ष देने का वादा धोखा साबित हुआ है। सैन्य भर्ती में खानापूर्ति करने वाला जो लापरवाह रूख अपनाया जा रहा है, वह देश के युवाओं में आक्त्रसेश पैदा कर रहा है। चारो तरफ हो रहा यह विरोध दर्शा रहा है कि भाजपा ने जनाधार खो दिया है।
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उन्होंने कहा कि असल में यह सोच बुनियादी तौर पर गलत है कि लोग फौज में नौकरी करने जाते हैं, जबकि युवा देशभक्ति के जज्बे से सेना में जाते हैं और अपना जीवन बलिदान करते है। वो क्या जाने सेना और सेना के जज्बे को जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन तक में हिस्सा न लिया हो।
उन्होंने कहा कि युवा शक्ति का इस्तेमाल रचनात्मक होना चाहिए। राष्ट्र के निर्माण में युवाओं की सकारात्मक भूमिका होनी चाहिए। सरकारों का दायित्व देश के वर्तमान को सुधारना और भविष्य को संवारना होता है। इस दृष्टि से सरकारों की जिम्मेदारी है कि नौजवानों की ऊर्जा को सही दिशा मिले और देश की सुरक्षा में नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ न हो। फौज में युवाओं के रोजगार की तमाम संभावनाएं हैं। फौज में उनकी संख्या में वृद्धि हो। इसलिए पहले जैसी सेना भर्ती प्रक्त्रिस्या लागू होनी चाहिए। नौजवानों की आशंकाओं का निराकरण किया जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि अग्निपथ की नीति सरकार ने बनाई है। इसलिए सरकार और सत्ताधारी दल के प्रवक्ता किसी और को आगे न करें। अमीर उद्योगपतियों की आय की सुरक्षा से अधिक देश की सुरक्षा जरूरी है। इसलिए जो भी बजट कम पड़ रहा है,. सरकार कारपोरेट पर अतिरिक्त कर लगाए पर देश की सुरक्षा के साथ समझौता न करे।