कोरोना के डर से थाईलैंड और सिडनी की यात्रा कर लौटे युवक को मंगलवार रात को आरडब्ल्यूए ने सोसाइटी में प्रवेश से मना कर दिया गया था। जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग ने उसे क्वारंटीन वार्ड में रखा है। जबकि, युवक में कोई लक्षण नहीं मिले थे। अब युवक ने स्वास्थ्य विभाग से गुहार लगाई है कि उसे क्वारंटीन वार्ड की जगह घर में आइसोलेट कर दिया जाए। ताकि वह किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क न आ सके।
युवक का कहना है कि क्वारंटीन वार्ड में यदि कोई कोरोना प्रभावित देश से आता है तो वह भी उसके संपर्क में आकर संक्रमित हो सकता है। इसको देखते हुए उसने फ्लैट में ही 14 दिन तक आइसोलेट करने की गुहार लगाई है।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पीड़ित में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं मिले हैं, इसलिए सैंपल भी नहीं भरा गया है। युवक ने बताया कि कारोबार के सिलसिले में वह 27 जनवरी से 14 मार्च तक थाइलैंड में था। इसके बाद सिडनी चला गया।
वहां से 17 मार्च को नोएडा लौटा। जब सोसाइटी पहुंचा तो आरडब्लयूए ने फ्लैट में जाने से मना कर दिया। जबकि मुझमें वायरस के लक्षण नहीं हैं। जब स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया तो उन्होंने मुझे क्वारंटीन वार्ड में रहने को बोला। अभी तो क्वारंटीन वार्ड में कोई नहीं है, लेकिन यदि कोई संक्रमित आया तो संक्रमण से मैं भी बीमार पड़ सकता हूं। मैं खुद को 14 दिन तक फ्लैट के अंदर आइसोलेट करने को तैयार हूं।
आरडब्ल्यूए चाहे तो फ्लैट में बाहर से ताला लगा दें। वहीं, आरडब्लयूए का कहना है कि हमने युवक को सोसाइटी में आने की अनुमति दे दी है। हालांकि, उसको फ्लैट के अंदर खुद को आइसोलेट करना होगा। इस मामले सीएमओ से बात की गई है।