कांकेर जिले एसीएम रैंक के नक्सली लीडर ने नक्सलवाद की विचारधारा त्यागकर बिना हथियार के पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। हाल ही में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में रूपी के मारे जाने के बाद इलाके के सक्रिय नक्सलियों में यह पहला बड़ा सरेंडर है।
कांकेर जिले के अंतागढ़ में सोमवार की सुबह परतापुर एरिया कमेटी के एसीएम रैंक के नक्सली ने नक्सलियों की खोखली विचारधारा को त्यागते हुए सरकार की मुख्यधारा में जुड़ने का निर्णय लेते हुए बिना हथियार के समर्पण कर दिया है।
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बता दें कि कांकेर जिले में अभी कुछ दिन पहले पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में पुलिस ने रूपी को मार गिराया था। रूपी के मारे जाने के बाद से इस इलाके में सक्रिय 11 नक्सलियों ने अपनी जान बचाते हुए अपने घरों की ओर रुख करना शुरू कर दिया था।
वहीं इन्ही नक्सलियों में एक परतापुर एरिया कमेटी के एसीएम रैंक के नक्सली लीडर दारसु जिसपर पांच लाख का इनाम था। उसने बिना हथियार के मुख्यालय पहुंच पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।
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दारसु के सरेंडर करने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। वहीं दारसु से अन्य नक्सलियों के बारे में पूछताछ भी शुरू कर दी गई। फिलहाल, इस सरेंडर को लेकर आला अधिकारियों के द्वारा फिर से अपील की गई है। जो भी बचे नक्सली हैं वे नक्सलियों की विचारधारा को छोड़कर शासन की मुख्यधारा में जुड़कर नए जीवन की शुरुआत करें।