इटावा। पटना-आनंद बिहार स्पेशल ट्रेन में बुधवार सुबह टीटीई से विवाद के बाद नौसेना जवान की पत्नी की चलती ट्रेन से फेंके जाने से मौत हो गई। इस मामले में मृतका के पिता ने ट्रेन से धक्का देने का टीटीई के खिलाफ हत्या का मुकदमा जीआरपी थाने में दर्ज कराया था। इस मामले की जांच जीआरपी की सर्विलांस व फॉरेंसिक टीम कर रही है। शुक्रवार को टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य संकलित किए हैं। उधर, टीटीई की तलाश में पुलिस दबिशें दे रही है।
शुक्रवार को जीआरपी निरीक्षक दिनेश प्रकाश शर्मा की अगुवाई में एसआई प्रशांत कुमार, फॉरेंसिक टीम समेत भरथना-साम्हो के मध्य गेट नंबर 19 पास स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। यहां फॉरेंसिक टीम ने बारीकी से निरीक्षण कर घटनास्थल से साक्ष्य संकलित किए। मृतका के मोबाइल लोकेशन आखिरी बार गेट संख्या 19 के आसपास मिली थी। इसके बाद उसका मोबाइल नंबर बंद आ रहा है। जीआरपी टीम ने उसका मोबाइल सर्विलांस पर लगाया है। टीम का दावा है जल्द ही उसको बरामद कर लिया जाएगा।
बता दें कि बृहस्पतिवार को अनिल कुमार सिंह निवासी नौबस्ता, कानपुर ने बताया कि पुत्री आरती बुधवार को अकेले दिल्ली जा रही थीं। आरती गलती से पटना–आनंद विहार सुपरफास्ट एक्सप्रेस (04089) में चढ़ गईं जबकि उनका आरक्षण ट्रेन संख्या 02563 नई दिल्ली क्लोन स्पेशल ट्रेन में था।
इस को लेकर S-11 कोच बोगी में टीटीई संतोष कुमार ने टिकट चेक करने के दौरान उनकी बहस हुई थी। पिता ने टीटीई पर आरोप लगाया कि टीटीई ने उसकी पुत्री की बैग पहले फेंक दिया। बाद में उसे धक्का दे दिया। इससे उसकी मौत हो गई। वहीं, उसका फोन अपने पास रख लिया इसलिए वह अभी तक मिला नहीं है। जीआरपी सीओ उदय राज सिंह ने बताया कि जीआरपी टीम शुक्रवार को घटनास्थल पर साक्ष्य संकलित करने गई थी। इस मामले की बिंदुवार जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।