एक ऐसा मंदिर जहां एक भक्त ने जो मुरादें मांगी वो सभी पूरी हो गईं। इसके बाद इस भक्त ने एक अनोखा काम कर दिया। भक्त की आस्था इतनी प्रगाढ़ थी कि उसने मंदिर तक कनक दंडवत देने का फैसला किया।
मामला बाबा रामदेव की समाधी स्थली रामदेवरा का है। टोंक जिले की टोडारायसिंह तहसील के निम्बेडा गांव से अपने पेट के बल रेंगते हुए रामधन रामदेवरा पहुंचा। बाबा का ऐसा ही एक भक्त उनकी नगरी में आया तो लोग देखते ही दंग रह गए।
इस भक्त ने सांप की तरह रेंगकर करीब 700 किमी का सफर तय किया। कई तरह की कठिनाइयों से भरे इस सफर को पूरा करने में उसे 255 दिन का समय लगा। रामधन गत 20 नवम्बर 2016 को अपन गांव से नाक व ठोडी को रगडते हुए दोनों हाथों व पांवों से सडक पर पेट के बल सांप की तरह रेंगते हुए रवाना हुआ।
रामदेवरा में भक्तों की आस्था जगजाहिर है। यहां आने वाले बाबा रामदेव में प्रगाढ़ आस्था रखते हैं। कहा जाता है कि यहां चर्म रोग से मुक्ति मिलती है।