मंदबुद्धि युवती से दुराचार के दो दोषियों को अदालत ने सात साल की कैद एवं 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर छह महीने का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। अर्थदंड में से 30 हजार रुपये पीड़ित युवती को दिए जाएंगे। मामला वर्ष 2015 का डोईवाला थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज शर्मा ने अदालत को बताया कि थाना डोईवाला क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने क्षेत्र में रहने वाले दुर्गाशंकर और रविन्द्र सिंह के खिलाफ 12 अगस्त 2015 को पुलिस को मामले की शिकायत की।
उसने बताया कि उसकी बेटी सामान लेने के लिए घर से दुकान गई। जिसे आरोपी दुर्गाशंकर जबरन अपने घर ले गया। जहां युवती से दुराचार किया गया। बचाव पक्ष की ओर से मामले को झूठा बताया गया।
अदालत ने पाया दोषी
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष के तर्कों से सहमत होते हुए दुर्गाशंकर व रविन्द्र सिंह को मंदबुद्धि युवती के साथ दुराचार का दोषी पाया। अदालत ने कहा कि दोषियों ने मंदबुद्धि युवती के सात घिनौना अपराध किया है। जिससे मानवता शर्मसार होती है। ऐसे अपराध का प्रभाव न केवल पीड़िता बल्कि संपूर्ण समाज पर पड़ता है।