भाई—बहन टीवी देख रहे थे। सीरियल में फांसी का सीन आता है। 10 साल के भाई को मस्ती सूझी। उसने कहा हम भी फांसी का नाटक करते है। मैं फांसी लगता हूं, तू बचा लेना। और इसके बाद वह फंदा बनाकर झूल गया।
खेल—खेल में यह दर्दनाक हादसा बूंदी जिले के रामपुरा गांव में हुआ। स्थानीय निवासी बालचंद मालव का 10 साल का पुत्र अंशुल अपनी बहन राधे के साथ टीवी पर एक सीरियल देख रहा था जिसमें फंदा लगाकर आत्महत्या करने का एक सीन आया जिसे देखने के बाद अंशुल ने अपनी बहन से फंदा लगाने की नकल करने को कहा।
इसके बाद अंशुल ने दरवाजे के एंगल पर चुन्नी बांधी और अपनी बहन से कहा कि 'मैं फांसी पर लटकता हूं,तुम मुझे बचा लेना'इतने में ही अंशुल फांसी पर झूल गया और उसकी मौत हो गई।
घटना के समय अंशुल के पिता बालचंद मजदूरी करने गया था वहीं उसकी मां अपने पीहर गई हुई थी। अंशुल के माता पिता जब घर आए तो अंशुल की बहन राधे ने उन्हें यह पूरा घटनाक्रम बताया। घर में किसी बड़े की अनुपस्थिती के चलते अंशुल को अस्पताल ले जाने का समय भी नहीं मिल पाया नहीं तो 10 साल के मासूम को बचाया जा सकता था।