सरदार पटेल की जयंती पर युवाओं ने दौड़कर दिया देशभक्ति का संदेश
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छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर शुक्रवार 31 अक्टूबर को पूरे शहर में राष्ट्रीय एकता दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर से एकता दौड़ का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों युवाओं ने भाग लेकर देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया।
सुबह मां दंतेश्वरी मंदिर से प्रारंभ हुई यह एकता दौड़ गुरुनानक चौक, संजय बाजार, चांदनी चौक, मेन रोड और गोल बाजार से होती हुई पुनः मंदिर परिसर में समाप्त हुई। पूरे मार्ग में 'भारत माता की जय' और 'एकता में ही शक्ति है' के नारों से माहौल देशभक्ति से सराबोर रहा। प्रतिभागी तिरंगे के रंगों से सजे बैनर और झंडों के साथ दौड़ते नजर आए। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने न केवल शारीरिक फिटनेस का प्रदर्शन किया बल्कि सरदार पटेल के 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के विचार को साकार करने का संकल्प भी लिया। इस मौके पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार पटेल ने देश की 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर भारत की एकता की नींव रखी थी। उन्होंने कहा कि आज भी हमें बाहरी और आंतरिक चुनौतियों के बीच एकजुट रहकर देश की अखंडता बनाए रखने की आवश्यकता है।
अंत में सुंदरराज पी ने उपस्थित सभी युवाओं और नागरिकों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। सभी ने एक स्वर में देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करने तथा समाज में एकता का संदेश फैलाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में शहर के नागरिकों, छात्र-छात्राओं, पुलिस कर्मियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जगदलपुर की यह एकता दौड़ राष्ट्रीय एकता और भाईचारे का जीवंत प्रतीक बन गई।