Chhattisgarh News: छ्त्तीसगढ़ में लोक निर्माण विभाग के कामकाज को और अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए जल्द ही ‘वमिस’ (वर्क एंड एकाउंट मॉनिटरिंग इंटीग्रेशन सिस्टम) लागू किया जाएगा। 'लोक निर्माण से छत्तीसगढ़ निर्माण' के मूलमंत्र के साथ विकास को नई गति देने के लिये कार्य किया जा रहा है।
Chhattisgarh News: छ्त्तीसगढ़ में लोक निर्माण विभाग के कामकाज को और अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए जल्द ही ‘वमिस’ (वर्क एंड एकाउंट मॉनिटरिंग इंटीग्रेशन सिस्टम) लागू किया जाएगा। 'लोक निर्माण से छत्तीसगढ़ निर्माण' के मूलमंत्र के साथ विकास को नई गति देने के लिये कार्य किया जा रहा है। राज्य का सबसे बड़ा निर्माण विभाग पीडब्ल्यूडी छत्तीसगढ़ के विकास का आधार है। सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण के साथ विभागीय कार्यों में तेजी और प्रशासनिक कसावट लाने के लिए लगातार कार्य किये जा रहे हैं। ये बातें छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव ने बुधवार को नवा रायपुर के छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कहीं।
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उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद से अब तक लोक निर्माण विभाग को निर्माण कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर प्रशासकीय स्वीकृतियां मिली हैं। पिछले ढाई साल में विभाग को 12 हजार 666 करोड़ रुपए से अधिक के कुल 1572 कार्यों के लिए स्वीकृतियां मिली हैं। इसमें सड़क निर्माण के 1285, पुलों के 247 और भवन निर्माण के 42 कार्य शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में दिसम्बर-2023 से मार्च-2024 तक 80 कार्यों के लिए 551 करोड़ 42 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इनमें 374 किमी लंबाई की 72 सड़कें, 6 पुल और दो भवन शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2590 करोड़ 70 लाख रुपए लागत के कुल 438 कार्यों के लिए की स्वीकृति दी गई। इनमें 1465 किमी लंबाई की 400 सड़कें, 37 पुल और एक भवन शामिल हैं।
इस साल 9129 करोड़ 18 लाख रुपए के निर्माण कार्यों की स्वीकृति
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 लोक निर्माण विभाग के लिए ऐतिहासिक रहा। विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए इस वर्ष 9129 करोड़ 18 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली, जो राज्य निर्माण के बाद पिछले 25 वर्षों के इतिहास में विभाग को मिली सर्वाधिक स्वीकृति है। इस वित्तीय वर्ष में 5129.60 किमी लंबाई की 754 सड़कों, 200 पुलों और 39 भवनों सहित कुल 993 कार्यों को मंजूरी दी गई। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 अगस्त तक विभाग को 608 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। इसमें 608.20 किमी लंबाई की 59 सड़कें और दो पुलों के निर्माण शामिल हैं।
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सात नए संभागीय कार्यालय और 12 नए उप संभागीय कार्यालय शुरू
डिप्टी सीएम साव ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में विभाग में कार्यों की गति बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूत किया गया है। बेहतर संचालन और प्रशासनिक कसावट के लिए सात नए संभागीय कार्यालय और 12 नए उप संभागीय कार्यालय शुरू किए गए हैं। इससे निर्माण कार्यों की निगरानी और स्वीकृत कार्यों को लागू करने में तेजी आएगी। विभाग की प्राथमिकताओं में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण भी शामिल है। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता वीके भतपहरी और अपर सचिव एसएन श्रीवास्तव मौजूद रहे।
जानें क्या है 'वमिस'
'वमिस' यानी वर्क एंड एकाउंट मॉनिटरिंग इंटीग्रेशन सिस्टम से निर्माण कार्यों के डीपीआर तैयार करने से लेकर कार्य की स्वीकृति और अन्य प्रक्रियाएं ऑनलाइन और एकीकृत सिस्टम से होगी। इससे वर्तमान में विभागीय प्रक्रियाओं में लगने वाले लंबे समय की बचत होगी। साथ ही निर्माण कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारा जा सकेगा। तकनीक के उपयोग से विभागीय कामकाज की गुणवत्ता और निगरानी में भी सुधार होगा