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CG: भोरमदेव मंदिर में कांवड़ियों की व्यवस्था पर विवाद, कांग्रेस ने सौंपा सात सूत्रीय मांग पत्र

Wed, 19 Aug 2026 07:33 PM IST
कबीरधाम ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कबीरधाम

सार

सावन में भोरमदेव मंदिर में कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ के बीच व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया। कांग्रेस ने सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर कथित दुर्व्यवहार पर कार्रवाई की मांग की और आंदोलन की चेतावनी दी। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था स्पष्ट की।

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ज्ञापन सौंपा गया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सावन माह में प्रदेश के खजुराहो के नाम से प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया है। बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर में कांवड़ यात्रियों के साथ कथित तौर पर हो रही घटनाओं से प्रशासन को अवगत कराया। कांग्रेस नेताओं ने अपर कलेक्टर नरेंद्र पैकरा को सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की।

कांग्रेस नेता विकास केसरी ने कहा कि सावन के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री भोरमदेव पहुंच रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे श्रद्धालुओं की है, जो मध्यप्रदेश के अमरकंटक से करीब 151 किलोमीटर पैदल यात्रा कर मां नर्मदा का जल लेकर भोरमदेव पहुंचते हैं। कांग्रेस का आरोप है कि जलाभिषेक के दौरान कांवड़ यात्रियों के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने और कांवड़ियों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। केसरी ने कहा कि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।

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वहीं, मामले में बोड़ला एसडीएम आशुतोष शर्मा और एसडीओपी अखिलेश कौशिक ने प्रशासन का पक्ष स्पष्ट किया। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार 17 अगस्त की सुबह करीब 6 बजे मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में कांवड़िए और श्रद्धालु मौजूद थे। कुछ कांवड़िए निकास द्वार से मंदिर में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। उस समय गर्भगृह और मंडप में करीब 60 से 70 श्रद्धालु पहले से मौजूद थे, जिनमें अधिकांश कांवड़िए थे।

अधिकारियों के मुताबिक, निकास द्वार से एक साथ प्रवेश करने पर भीड़ बढ़ने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका थी। इसी वजह से मंदिर प्रबंधन और पुलिस कर्मचारियों ने कांवड़ियों को रोककर निर्धारित प्रवेश द्वार से मंदिर में आने की समझाइश दी। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए मंदिर में तीन द्वार निर्धारित किए गए हैं। इनमें पूर्व और उत्तर दिशा के द्वार प्रवेश के लिए, जबकि दक्षिण दिशा का द्वार निकास के लिए निर्धारित है।

कांवड़ियों का सम्मान और सुरक्षा प्राथमिकता

एसडीएम आशुतोष शर्मा ने कहा कि प्रशासन और मंदिर प्रबंधन सभी कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं का सम्मान करता है। उनका उद्देश्य सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन कराना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए विशेष ध्यान रखा जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित प्रवेश और निकास व्यवस्था का पालन करने तथा मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है

 

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