छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के 18 से 45 आयु वर्ग में आने वाले लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाने के लिए विभिन्न जिलों में टीकाकरण केंद्र स्थापित करने जा रही है। इसके अलावा सरकार ने घोषणा की है कि वह अंत्योदय, बीपीएल और एपीएल श्रेणियों से संबंधित लोगों को 1/3 अनुपात में टीके उपलब्ध कराएगी। बता दें, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कल यानी शुक्रवार (7 मई) को राज्य सरकार को 18-45 आयु वर्ग के लोगों के लिए तुरंत टीकाकरण शुरू करने का निर्देश दिया था। साथ ही कोर्ट ने 1/3 अनुपात में अंत्योदय, बीपीएल और एपीएल समूहों के टीकाकरण को जारी रखने की स्वतंत्रता दी थी, जब तक कि सरकार अपनी टीकाकरण नीति को अंतिम रूप नहीं दे देती।
टीकों के आवंटन के अनुपात को ठीक करने का निर्देश
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को संबंधित विभागों के सचिवों के साथ चर्चा करने और टीकों के आवंटन के अनुपात को ठीक करने का निर्देश दिया था। साथ ही कोर्ट ने टीकाकरण के तीसरे चरण में 18-45 आयु वर्ग लोगों के बीच वैक्सीन को एक समान तरीके से वितरित करने के लिए कहा था। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि गरीबी रेखा से नीचे अंत्योदय समूह और गरीबी रेखा से ऊपर से संबंधित व्यक्तियों को सभी प्रासंगिक पहलुओं के संदर्भ में टीके आवंटन का एक उचित अनुपात तय करें।
टीकाकरण में आरक्षण लागू करने पर सख्त एतराज
छत्तीसगढ़ में कोरोना के टीकाकरण में आरक्षण को लेकर दायर याचिकाओं पर मंगलवार (4 मई) और बुधवार (5 मई) को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने टीकाकरण में आरक्षण लागू करने पर सख्त एतराज जताया। कोर्ट ने सरकार से साफ कहा कि टीकाकरण में इस तरह का भेदभाव सही नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने सरकार से टीकाकरण को लेकर दो दिन में नई नीति बनाने को कहा। बता दें, सरकार ने राज्य में पहले अंत्योदय कार्डधारी परिवारों के पात्र लोगों का टीकाकरण करने का फैसला किया था। इसके बाद बीपीएल और फिर एपीएल से संबंधित लोगों को वैक्सीन देने की नीति बनाई थी।