छत्तीसगढ़ शासन नागरिकों को शासकीय सुविधाएं सरलता और पारदर्शिता से उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल सेवाओं का विस्तार कर रहा है। इसी पहल के अंतर्गत महासमुंद जिले में सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से पांच नई ऑनलाइन सेवाएं शुरू होंगी। इन सुविधाओं के लागू होने से आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। लोग अब घर बैठे ही विभिन्न कार्यों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, जिससे उनके समय और श्रम दोनों की बचत होगी। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने नई सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के निर्देश जारी किए हैं।
सेवा सेतु पोर्टल पर मिलेंगी सुविधाएं
जिला प्रशासन सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से तीन अलग-अलग विभागों की पांच प्रमुख सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराएगा। इसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की तीन सुविधाएं शामिल हैं। नागरिक अब नलकूप खनन की अनुमति के लिए पोर्टल पर ही आवेदन कर सकेंगे। इसके साथ ही पेयजल स्रोतों के जैविक तथा रासायनिक परीक्षण से जुड़ी सेवाएं भी डिजिटल माध्यम पर उपलब्ध होंगी। विभाग निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद असफल ठेकेदारों की अमानत राशि वापस लौटाने की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन पूरा करेगा।
स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़ी एक अत्यंत महत्वपूर्ण सेवा को इस व्यवस्था में जोड़ा गया है। छात्र और उनके परिजन अब स्थानांतरण प्रमाण पत्र यानी टीसी प्राप्त करने के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे। इसके अलावा पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग के माध्यम से पशुओं में किसी बीमारी या प्रकोप की सूचना शासन तक तुरंत पहुंचाने की ऑनलाइन सेवा भी नागरिकों को मिलेगी।
अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण
इन सभी डिजिटल सेवाओं को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन अधिकारियों और कर्मियों को प्रशिक्षित करेगा। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने संबंधित विभागों को प्रशिक्षण का समय, तिथि और स्थान तय करके पूरी जानकारी जिला कार्यालय को देने के आदेश दिए हैं। उन्होंने विभागाध्यक्षों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।
प्रशिक्षण के दौरान कर्मियों को ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर समस्याओं का निपटारा करने की बारीकियां सिखाई जाएंगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य प्रक्रिया को इतना सरल बनाना है कि पोर्टल का उपयोग करते समय किसी भी नागरिक या कर्मचारी को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
आम नागरिकों और ठेकेदारों को लाभ
इन पांचों नई सेवाओं के चालू होने से जिले के नागरिकों और विभिन्न हितधारकों को सीधा लाभ मिलेगा। विद्यार्थियों और अभिभावकों को टीसी लेने के लिए स्कूलों या विभागीय दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। नलकूप खनन और पेयजल स्रोतों की जांच के आवेदन घर बैठे होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का काम आसान हो जाएगा। पशुपालक भी किसी महामारी या बीमारी फैलने पर तुरंत विभागीय अधिकारियों को सतर्क कर सकेंगे।
ओर, ठेकेदारों को अपनी अमानत राशि पाने के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने के बाद प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और राशि आसानी से वापस होगी। छत्तीसगढ़ शासन की यह पहल शासकीय सुविधाओं की पहुंच को सुगम बनाने के साथ-साथ सुशासन को मजबूती प्रदान करेगी। महासमुंद जिले में शुरू हो रहीं ये पांचों ऑनलाइन सुविधाएं डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होंगी।