छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत किसानों को निःशुल्क उन्नत मिनीकिट बीजों का वितरण शुरू किया है।
छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत किसानों को निःशुल्क उन्नत मिनीकिट बीजों का वितरण शुरू किया है। इस पहल के माध्यम से प्रदेश में दलहन और तिलहन फसलों के रकबे में वृद्धि करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
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योजना के तहत बलरामपुर जिले में किसानों को अरहर, मूंग और उड़द की उन्नत किस्मों के मिनीकिट बीज वितरित किए गए। वाड्रफनगर विकासखंड के ग्राम वीरेंद्रनगर और चांदी में आयोजित कार्यक्रम में 77 किसानों को अरहर के बीज दिए गए। वहीं बलरामपुर विकासखंड के टांगरमहरी, सरनाडीह और दहेजवार ग्राम पंचायतों में किसानों को अरहर, मूंग और उड़द के बीज उपलब्ध कराए गए।
बीज वितरण के साथ किसानों को वैज्ञानिक खेती, उन्नत बीजों के उपयोग, संतुलित पोषण प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों की भी जानकारी दी गई, ताकि उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो सके।
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कृषि विभाग के अनुसार, संभावित एल-नीनो की परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को अल्पावधि धान किस्मों के साथ दलहन और तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे कम वर्षा की स्थिति में खेती का जोखिम घटेगा, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और कृषि उत्पादन में स्थिरता बनी रहेगी।
विभाग का मानना है कि दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होगी, साथ ही प्रदेश की पोषण सुरक्षा भी मजबूत होगी। कृषि विभाग ने किसानों से शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर आधुनिक, वैज्ञानिक और जलवायु-अनुकूल खेती अपनाने की अपील की है।