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मां-बाप की इकलौती थी खुशी: ताऊ ने तीन साल की भतीजी का सिर धड़ से किया अलग, बताई जा रही ये वजह

Thu, 06 Mar 2025 07:12 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, जशपुर

सार

जशपुर जिले में ताऊ ने अपनी तीन साल की मासूम भतीजी की धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है।
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आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बागबहार थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत छातासराई में बड़े पिताजी ने अपनी तीन साल की मासूम भतीजी की धारदर हथियार से हत्या कर सिर धड़ से अलग कर दिया। इस नृशंस हत्या के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई है। इस मामले में सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

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छातासराई निवासी आरोपी रामप्रसाद नाग ने पांच मार्च को अपने छोटे भाई राजाराम नाग की खुशी नामक तीन साल की बेटी का धारदार हथियार से सिर धड़ से अलग कर दिया। यह मृतका के पिता ने दोपहर दो बजे देखा। आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और उसका अपने छोटे भाई से विवाद भी था। घटना की सूचना शाम पांच बजे मिलने पर बागबहार पुलिस ने देर रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। 

मां बाप की इकलौती बेटी थी
आरोपी के भाई और परिवार में पहले से विवाद चल रहा था और जब घर में कोई नहीं था, तब आरोपी ने भतीजी का सिर काटकर अलग कर दिया। इसलिए पुलिस इसे आपसी रंजिश बता रही है। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में मातम का माहौल है। मृतका की मां रीता नागवंशी अपनी इकलौती बेटी को इस तरह खोने के बाद बदहवास है। फिलहाल पुलिस आरोपी के खिलाफ अपराध-सबूत मिलने पर बीएनएस की धारा 109(1) तहत अपराध दर्ज कर आज 6 मार्च को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल किया गया है।
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नरबलि की बात सरासर गलत है
वहीं, कुछ लोगों के द्वारा इस जघन्य हत्याकांड को नरबलि बताने की कोशिश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि, 'बागबहार के हत्याकांड में कुछ लोग बिना किसी तथ्य और आधार के नरबलि की बात कर रहे हैं, जो सरासर गलत है। पुलिस की विवेचना में कहीं भी इस तरह के तथ्य नहीं आए हैं। पारिवारिक विवाद पर हत्या को आरोपी द्वारा अंजाम दिया गया है। गांव के कुछ अनपढ़ और अंधविश्वासी लोगों के दिमाग की ये उपज है। मैं ये बात बहुत जिम्मेदारी और तथ्य पर कह रहा हूं।'

उन्होंने आगे कहा, 'आरोपी की मानसिक स्थिति को लेकर भी कुछ बात आ रही है पर वो विवेचना का विषय है। ग्रामीण स्तर पर ही उसका कहीं इलाज चल रहा था। हम उस बात का पता लगा रहे हैं, लेकिन नरबलि जैसी बात बिल्कुल भी नहीं है, बेबुनियाद है।'

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