रायपुर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए सेंट्रल जेल के दो विचाराधीन बंदी कोर्ट परिसर से फरार हो गए। दोनों को नियमित पेशी के लिए अदालत लाया गया था, लेकिन सुनवाई शुरू होने से पहले ही वे पुलिस को चकमा देकर मौके से भाग निकले। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक स्तर पर परिसर और आसपास के इलाकों में तलाश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों और जेल प्रशासन को सूचित किया गया। सिविल लाइन्स थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश अभियान तेज कर दिया है।
जानकारी के अनुसार फरार हुए बंदी राजेश मारकण्डेय और तुलाराम मारकण्डेय हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में न्यायिक अभिरक्षा में बंद थे। बताया जा रहा है कि पेशी के दौरान वे कोर्ट मुहर्रिर की निगरानी में थे। मौके का फायदा उठाकर दोनों फरार हो गए। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
इधर, राजधानी में एक और हिंसक घटना ने कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मौदहापारा थाना क्षेत्र में पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद ने उग्र रूप ले लिया। बहस के दौरान नियाज़ अशरफी उर्फ निज्जू ने मोहम्मद हाशिम उर्फ जानम पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पिछले कुछ दिनों में शहर में चाकूबाजी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। 5 और 6 फरवरी को अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पंडरी थाना क्षेत्र में एक स्कूल के बाहर छात्र द्वारा चाकू लहराने का वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 12वीं के छात्र सुशांत प्रधान (19 वर्ष), निवासी बीएसयूपी कॉलोनी सड्डू, को हिरासत में लेकर उसके पास से चाकू बरामद किया। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस का कहना है कि फरार बंदियों की तलाश और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।कोर्ट परिसर से दो विचाराधीन बंदी फरार, राजधानी में बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने बढ़ाई चिंता