दुर्ग में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल के तहत भिलाई स्टील प्लांट और सूर्या मॉल सहित चार स्थानों पर हवाई हमले और आग से बचाव का प्रशिक्षण दिया गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस ने लोगों को सुरक्षित निकासी और ब्लैकआउट के दौरान सावधानियों की जानकारी दी।
सिविल डिफेंस की सूची में छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले का भी नाम शामिल है। आज जिले के अलग-अलग चार स्थानों पर मॉक ड्रिल की जा रही है। मॉक ड्रिल के माध्यम से लोगों को बताने का प्रयास किया गया। मॉक ड्रिल में आपातकाल की स्तिथि में युद्ध की हालत में लोगो सुरक्षा और रेस्क्यू अभियान चलाया गया।
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भिलाई के भिलाई स्टील प्लांट, सूर्या मॉल समेत चार स्थानों सायरन बजाकर लोगों को पहले सचेत किया गया, उसके बाद आपातकाल स्थिति में लोगो को सुरक्षा के संबंध को जानकारी दी गई। हवाई हमला होने पर लोग अपनी सुरक्षा कैसे करें, किसी इमारत में आग लगने की स्थिति में कैसे लोगों का रेस्क्यू किया जाए इसकी जानकारी दी गई। यदि हवाई हमला होता है तो सायरन बजने की हालत में कैसे सुरक्षित स्थान पर जाना है। कैसे ऑफिस या बिल्डिंग से बाहर निकलकर खुले स्थानों पर जाकर जमीन के नीचे लेट जाना है। इन सब बातो को लेकर लोगो को मॉक ड्रिल से समझाया जा रहा है।
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पैनिक सिचुएशन न हो इसको लेकर भी ध्यान रखा गया है। इस मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ,पुलिस बल के जवान समेत अन्य जवान शामिल हुए। इस दौरान संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर अभिजीत सिंह और एसपी विजय अग्रवाल मॉक ड्रिल का निरीक्षण करने पहुंचे। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि भिलाई स्टील प्लांट आसपास के सेक्टर एरिया और दुर्ग के शहर के विभिन्न स्थान पर सायरन बजाया गया। लोगों को पहले जागरूक किया गया था। जब सायरन रुक-रुककर बजे तो घर पर दीवार पर छिपा जाएं या वाहन चलते समय सड़क किनारे बैठने को हिदायत दी गई है।
वहीं, मॉक ड्रिल के तहत सूर्या मॉल में आग लगाने की सूचना पर दमकल की गाड़ी पहुंची और मॉल के अंदर फंसे लोगो को रेस्क्यू ऑपरेशन कर बाहर निकला गया है। वहीं, शाम को 7:30 से 7:45 बजे तक भिलाई के टाउनशिप इलाके में ब्लैकआउट किया जाएगा। उस समय सड़को पर चलने वाले वाहन चालकों से अपील की है कि ब्लैक आउट के समय गाड़ियों के हैडलाइन और बैकलाइट को बंद रखें।