फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chhattisgarh: जशपुर में मोटे अनाज से बेकरी उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण, महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का अवसर

Sat, 22 Nov 2025 07:19 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

हरियाणा के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) द्वारा महुआ पर स्थापित सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में स्व-सहायता समूह की 25 महिलाओं ने भाग लिया।
विज्ञापन
जशपुर में मोटे अनाज से बेकरी उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में मोटे अनाज आधारित बेकरी उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) द्वारा महुआ पर स्थापित सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में स्व-सहायता समूह की 25 महिलाओं ने भाग लिया।
विज्ञापन


कार्यक्रम के दौरान एनआईएफटीईएम के प्रशिक्षकों ने मिलेट्स यानी मोटे अनाज में मौजूद पोषक तत्वों, फाइबर, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि मोटे अनाज का नियमित उपयोग न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि इससे ग्रामीण समुदायों के लिए नए रोजगार अवसर भी तैयार हो सकते हैं।

इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को नानखटाई, न्यूट्रीबार, कुकीज़ जैसे बेकरी उत्पादों में मोटे अनाज का उपयोग कर उनके पोषण स्तर को बढ़ाने के तरीके सिखाए गए। साथ ही उन्हें बाजार में इन उत्पादों की मांग, संभावनाएं, मूल्य निर्धारण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग के बारे में भी बताया गया।
विज्ञापन


यह पहल जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदायों को खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्यमिता से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। एनआईएफटीईएम की टीम जशपुर में वैल्यू-एडेड उत्पादों के उत्पादन के साथ-साथ तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान कर रही है।

कार्यक्रम का संचालन ग्राम अंगीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत किया जा रहा है। इस पहल का नेतृत्व प्रो. प्रसन्ना कुमार जी.वी. और अभिमन्यु गौर कर रहे हैं, जबकि संपूर्ण कार्यक्रम एनआईएफटीईएम के डायरेक्टर डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय के निर्देशन में आगे बढ़ रहा है। वहीं मिशन मैनेजर विजय शरण प्रसाद और जय जंगल एफपीसी जशपुर के डायरेक्टर समर्थ जैन समन्वय और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन को उम्मीद है कि इस प्रशिक्षण के बाद क्षेत्र की महिलाएं मोटे अनाज आधारित बेकरी उत्पादों का उत्पादन और विपणन कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी तथा जशपुर मिलेट उत्पादों का केंद्र बनकर उभरेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें